मात्र 40 दिन में डेढ़ लाख रूपए तक मुनाफा, हरियाणा में इस खेती से मालामाल हो रहे किसान

फरीदाबाद | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर ऑर्गेनिक और बागवानी खेती से कम लागत व समय में अधिक मुनाफा कमा रहे हैं. इसी कड़ी में फरीदाबाद के डीग गांव में किसान खरबूजे की खेती से अपना भाग्य बदल रहें हैं. महज 40 दिन में तैयार होने वाली इस फसल की बदौलत किसान कम समय में अच्छा- खासा मुनाफा कमा रहे हैं.

Kharbuje ki Kheti

खरबूजे की बिजाई की विधि

पिछले कई सालों से डीग गांव में खेती कर रहे किसान श्याम ने बताया कि मैंने 2 एकड़ जमीन पर खरबूजे की फसल लगाई है. इसके लिए करीब दो किलो बीज की जरूरत पड़ती है. उन्होंने बताया कि खरबूजे की बिजाई के समय पौधों के बीच एक फीट की दूरी रखना जरूरी होता है, ताकि फसल की अच्छी बढ़ोतरी हो सकें. शुरूआत में मिट्टी को अच्छे तरीके से तैयार करने के लिए खेत की 3- 4 बार जुताई करनी पड़ती है.

उन्होंने बताया कि इस फसल की बिजाई सिर्फ इसी सीजन में होती है. 40 दिन में यह फसल पूरी तरह से पककर तैयार हो जाती है. इसके बाद, बिक्री के लिए इसे स्थानीय मंडियों में ले जाया जाता है, जहां 20 से 30 रूपए प्रति किलो तक भाव मिलता है. श्याम ने बताया कि इस खेती पर लगभग 30 हजार रूपए तक लागत आती है, लेकिन 1 से डेढ़ लाख रुपए तक मुनाफा हो जाता है. खरबूजे की फसल बेहद कम समय में बढ़िया आमदनी देती है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.

कम समय में मुनाफे का बेहतर विकल्प

किसान श्याम ने बताया कि पिछले कुछ समय से बढ़ती मांग के चलते किसानों का खरबूजे की खेती की ओर तेजी से रूख बढ़ रहा है. सही देखभाल और समय पर सिंचाई से बढ़िया पैदावार मिलती है, जिससे किसानों को अच्छी आमदनी होती है. यदि मंडी में और उंचा भाव मिल जाए तो और ज्यादा मुनाफा कमाया जा सकता है. उन्होंने बताया कि यदि कम लागत पर अधिक मुनाफा कमाना है, तो खरबूजे की खेती एक बेहतर विकल्प है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.