चंडीगढ़ | हरियाणा के 18 शहरों के उन लोगों को आवासीय प्लॉट मिलने की संभावना बढ़ गई है, जिनकी जमीन सरकार द्वारा शहरों में नए सेक्टर डिवेलप करने के लिए एक्वायर की गई थी. अब पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार (Haryana Govt) को अपनी नीति के अनुसार जमीन मालिकों को बदले में आवासीय प्लॉट देने के निर्देश दिए थे. इसके लिए अब हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) द्वारा 31 मई तक आवेदन मांगे गए हैं. इस तिथि के बाद किसी भी आवेदक को दोबारा मौका नहीं दिया जाएगा.
कई जिलों में अधिग्रहित की गई थी ज़मीन
सरकार द्वारा जमीन अधिग्रहण के बाद सेक्टर तो काट दिए गए थे, लेकिन संबंधित जमीन के मालिकों को नियमों के अनुसार इन सेक्टर में आवासीय प्लॉट नहीं मिल पाए थे. गुरुग्राम- 1, गुरुग्राम- 2, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, जगाधरी, करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, रेवाड़ी, रोहतक, बहादुरगढ़, सिरसा, कैथल, भिवानी, हिसार व जींद में आवासीय सेक्टर बनाने के लिए किसानों की जमीन अधिगृहित की गई थी. इन लोगों को प्लॉट दिए जाने प्रस्तावित थे और सरकार द्वारा उन्हें विस्थापित की श्रेणी में रखा गया था.
हाई कोर्ट ने दिए थे निर्देश
इस विषय में हाई कोर्ट ने निर्देश जारी किया, जिसके बाद हरियाणा शहर विकास प्राधिकरण द्वारा कहा गया था कि इन लोगों को 50,000 रुपए की सिक्योरिटी राशि के साथ प्लॉट के लिए आवेदन करना होगा. सरकार द्वारा यह कहा गया था कि यदि इन सेक्टर में कोई प्लॉट खाली नहीं हुआ, तो ऐसी स्थिति में जो लोग विस्थापित होंगे, उन्हें अन्य विकल्पों द्वारा लाभ पहुंचाया जाएगा.
