नई दिल्ली | कुछ समय बाद देश में मानसून सीजन की शुरुआत हो जाएगी. ऐसे में राजधानी दिल्ली की सड़कों पर होने वाले जल भराव से निपटने को लेकर अभी से ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (CM Rekha Gupta) एक्टिव मोड में नजर आ रही हैं. उन्होंने हाल ही में जल मंत्री प्रवेश वर्मा और आला अधिकारियों के साथ एक बैठक का आयोजन किया. इस दौरान पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों के साथ जल मंत्री प्रवेश सिंह के नेतृत्व में 445 जल भराव पॉइंट्स को चिन्हित किया गया, जिनमें से 335 पीडब्ल्यूडी के अंडर आते हैं.
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
इस दौरान जल भराव को लेकर AE और JE स्तर के अधिकारियों को 335 पॉइंट्स और 7 बड़े पॉइंट्स पर जल भराव की जिम्मेदारी इंजीनियर- इन- चीफ को सौंपी गई है. अबकी बार यदि मानसून सीजन में जल भराव पाया जाता है, तो इंजीनियर को निलंबित किया जाएगा. राजधानी में 24 घंटे सातों दिन पंप ऑपरेटर लगाए जाएंगे, जहां पर जल भराव हो सकता है. वहां उनके अस्थाई आवास की व्यवस्था की जाएगी. 35 जोन में 1400 किमी नालियों से गाद को निकाला जाएगा. अब तक 50 किलोमीटर नालियों से गाद निकाली जा चुकी है. हर दिन की रिपोर्ट जल मंत्री को सौंपी जाएगी.
सरकार ने कसी कमर
पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, साल 2023 में राजधानी में 308 जल भराव पॉइंट्स थे. वहीं, 2024 में ये संख्या 194 तक सिमट गई. अब 2025 में ट्रैफिक पुलिस द्वारा राजधानी में कुल 445 जल भराव पॉइंट्स चिन्हित किए गए हैं. इनमें से 335 की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के अधीन है. अब सरकार मानसून से पहले जल भराव रोकने के लिए ठोस कदम उठाने का दावा कर रही है.
