फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद जिले के सेक्टर 8 में स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर (Hanuman Temple) आस्था का बड़ा केंद्र है. मान्यता है कि इस मंदिर का इतिहास द्वापर युग से जुड़ा हुआ है. कहा जाता है कि उस समय कुंती पुत्र भीम यहां लोगों को कुश्ती के गुर सिखाया करते थे. इसे नागेश्वरी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता यह भी है कि इस सिही गांव में अगर किसी को सांप काट लेता है, तो उसका कोई असर नहीं होता. करीब 8000 गज में फैले इस मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है.
महाभारत काल में भी था महत्व
आयुर्वेदिक डॉक्टर ओम प्रकाश के अनुसार, वे हनुमान मंदिर में वर्षों से लोगों का उपचार करते आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि वह खुद सिही गांव के निवासी हैं. महाभारत काल में जब पांडवों और दुर्योधन में राज्य को लेकर संघर्ष चल रहा था, तब भगवान श्रीकृष्ण ने समझौते के तहत दुर्योधन से पांच गांव मांगे थे. इन्हीं गांवों में से एक यह भी था. उस समय इसे श्रीपत कहा जाता था और यह खांडवप्रस्थ क्षेत्र में आता था.
नागों के निवास स्थान पर बना हनुमान मंदिर
इतिहास के अनुसार, इस क्षेत्र में नागों का वास था. गांव मिलने के बाद जब पांडवों ने यहां इंद्रप्रस्थ बसाना शुरू किया, तो नागों का विध्वंस कर दिया गया. करकोटक नाम का एक नाग जीवित बच गया. उसे शांत करने के लिए भीम ने यहां हनुमान मंदिर की स्थापना की. इस मंदिर के पीछे मनसा देवी का मंदिर भी स्थित है. मनसा देवी नाग कन्या थीं और ऋषि जगतकरो की पुत्री थीं, जिनका विवाह पांडव वंश में हुआ था.
राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद हुआ नाग यज्ञ
सांप के काटने से राजा परीक्षित की मृत्यु के बाद उनके पुत्र जन्मेजय ने सभी नागों को समाप्त करने के लिए नाग यज्ञ किया. इस दौरान तक्षक नाग ने भगवान इंद्र से शरण मांगी. ऋषि यातंतक ने ऐसे मंत्रों का प्रयोग किया कि इंद्र को भी पृथ्वी पर आना पड़ा. तभी आस्तिक मुनि ने यज्ञ रुकवाया और कहा कि किसी प्रजाति का विनाश उचित नहीं. इसके बाद यज्ञ को रोक दिया गया.
सिही गांव को मिले नागों के खास वरदान
आस्तिक मुनि के प्रयास से नागों ने आशीर्वाद दिया कि जो तीन बार ‘आस्तिक’ नाम का उच्चारण करेगा, उसे सांप नहीं काटेगा. साथ ही, सिही गांव को वरदान मिला कि यहां के निवासियों को सांप नहीं डसेंगे. यदि डस भी लें तो मृत्यु नहीं होगी. तक्षक नाग ने 5 विशेष वरदान दिए. इसमें कहा गया कि सोई हुई महिला, ग्वाले, गर्भवती महिला, गांव के निवासी को सांप नहीं डसेंगे. इसके अलावा, बोझ उठाने वाली महिलाओं को वजन महसूस नहीं होगा.
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