भिवानी | आपने बिहार के दशरथ मांझी की कहानी जरूर सुनी होगी. उन्होंने पहाड़ का सीना काटकर गांव के लिए सड़क बना दी थी. ऐसा ही कुछ हरियाणा के भिवानी के 93 वर्षीय कल्लू राम (Kallu Ram) ने कर दिखाया है. पिछले 25 सालों की कठिन मेहनत से उन्होंने 4000 फीट ऊंचे पहाड़ को काटकर पशु पक्षियों के लिए 90 फुट चौड़ी जोहड़ी बना दी.
उन्होंने पशु पक्षियों को पानी के लिए तड़पता देखकर प्राणी सेवा का संकल्प लिया था. काफी सालों की मेहनत के बाद उन्होंने यहां बरसात का पानी इकट्ठा करने के लिए पशु पक्षियों के लिए एक जोहड़ी का निर्माण कर दिया.
60 साल की उम्र से शुरू किया यह काम
अटेला कला निवासी कल्लू राम ने बताया कि वह गांव में पशुओं को चराते थे. 18 साल की उम्र में वह 4000 फीट ऊंचे पहाड़ पर पशुओं को चराते थे, लेकिन दोपहर के समय जीव जंतु पीने के पानी के लिए व्याकुल नजर आते थे. कई बार वह अपने सिर पर मटका रखकर पहाड़ पर पानी पहुंचा देते थे. पक्षियों के लिए भी वह पानी के सकोरे रख देते थे, लेकिन जब जवानी गुजरने के बाद उनकी उम्र 60 साल की हुई, तब उन्होंने सोचा कि क्यों ना पहाड़ पर एक जोहडी बनाई जाए. तब उन्होंने पहाड़ को काटकर जोहड़ी बनाने का काम शुरू कर दिया.
25 साल की मेहनत के बाद मिली सफलता
दिन में पशुओं को चराने के बाद बाकी बचे समय में वह अकेले ही इस काम में जुट जाते थे. उन्हें इस काम के लिए 25 साल की मेहनत लगी. आखिरकार, उन्होंने 4000 फीट ऊंचे पहाड़ पर 90 फुट लंबी, 90 फुट चौड़ी और 35 फीट गहरी जोहड़ी तैयार कर दी. अब बरसात आने के बाद आसपास का पानी उसे जोहड़ी में जमा हो जाता है, जिसमें आसपास के पशु- पक्षी पानी पीकर संतुष्ट हो जाते हैं.
हरियाणा जागृति मोर्चा ने किया सम्मानित
बुजुर्ग की बरसों की इस कठिन मेहनत और उपलब्धि को देखते हुए हरियाणा जागृति मोर्चा की लीगल सेल ने सचिवालय स्थित चैंबर परिसर में उनके सम्मान के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया. इस दौरान उन्हें फूलों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया और प्रशंसा पत्र भी सौंपा गया. इस मौके पर मौजूद हरियाणा जागृति मोर्चा के अध्यक्ष राजेश सिंधू ने बताया कि इस प्रकार की शख्सियत को केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना चाहिए.
