चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने ‘आयुष्मान भारत’ तथा ‘चिरायु’ योजना में बड़ा बदलाव किया है. इस योजना के तहत, गरीब परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक मुफ्त उपचार की सुविधा है. योजना में कवर परिवारों को सरकारी व प्राइवेट मिलाकर 650 से अधिक अस्पतालों में यह सुविधा मिल रही है. सरकार ने अब आयुष्मान व चिरायु योजना में कवर होने वाली 5 बीमारियों का उपचार प्राइवेट अस्पतालों में बंद कर दिया है.
सरकार को मिल रही थी शिकायतें
इन बीमारियों के मरीजों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी, लेकिन इसके लिए उन्हें सरकारी अस्पतालों में जाना होगा. आने वाले दिनों में उन बीमारियों की संख्या और भी बढ़ सकती है, जिनका उपचार सरकारी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों में ही संभव होगा.
सरकार के पास बड़ी संख्या में इस तरह की शिकायतें भी पहुंची हैं कि कुछ प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत व चिरायु योजना के नाम पर धांधली भी कर रहे हैं. 5 बीमारियों का उपचार प्राइवेट अस्पतालों में बंद करने के पीछे एक बड़ा कारण अस्पतालों द्वारा सरकार के पास भेजे जा रहे मोटे बिल भी हैं. प्राइवेट अस्पतालों द्वारा पिछले दिनों बिलों का भुगतान नहीं किए जाने के चलते मरीजों का उपचार रोकने की भी धमकी दी थी.
इन बीमारियों का इलाज हुआ बंद
पहले चरण में आयुष्मान भारत और चिरायु योजना के तहत प्राइवेट अस्पतालों में 5 बीमारियों का उपचार बंद किया है. सर्वे में यह बात सामने आई कि इन्हीं बीमारियों का सबसे अधिक उपचार प्राइवेट अस्पतालों में हो रहा है और सरकारी अस्पतालों में भी इनके इलाज की सुविधा है. इनमें मोतियाबिंद का ऑपरेशन, बच्चेदानी का ऑपरेशन, दूरबीन से पित्त की थैली का ऑपरेशन तथा उल्टी- दस्त की बीमारी और सांस संबंधी दमा के रोगों का उपचार शामिल है.
जिन लोगों के पास आयुष्मान व चिरायु कार्ड हैं अब वे इन 5 बीमारियों का उपचार सरकारी अस्पतालों में ही करवा सकेंगे. सरकार ने इन संदर्भ में सभी सीएमओ को निर्देश जारी कर दिए हैं.
IMA फैसले से नाराज
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की हरियाणा इकाई सरकार के इस फैसले से नाखुश है. एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ महावीर पी जैन व महासचिव डॉ धीरेंद्र के सोनी ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के कार्डों से इलाज कराने वाले मरीजों का खर्च प्राइवेट अस्पतालों को समय से देने की बजाय स्वास्थ्य विभाग ने 5 उन बीमारियों का इलाज ही बंद कर दिया है, जो सबसे अधिक होती हैं. एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री नायब सैनी व स्वास्थ्य मंत्री आरती राव से इस फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है.
हरियाणा में स्वास्थ्य सेवाओं में लगातार सुधार कर रहे हैं. मनेठी में एम्स की ओपीडी जल्द शुरू होगी. नये मेडिकल कॉलेज भी बनाए जा रहे हैं. अस्पतालों को भी अपग्रेड कर रहे हैं. जिन बीमारियों का उपचार सरकारी अस्पतालों में हो सकता है, उनका अब सरकारी अस्पतालों में ही होगा. आयुष्मान व चिरायु योजना के लाभार्थियों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी- आरती सिंह राव, स्वास्थ्य मंत्री, हरियाणा सरकार
