अंबाला के बुजुर्ग की संघर्ष भरी कहानी; बीमारी में छोड़ी टैक्सी, अब गाड़ी में बेचते हैं खाना

अंबाला | हालात और मजबूरी के आगे इंसान लाचार हो जाता है. कभी- कभी उसे वह सब भी करना पड़ता है, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होती. ऐसा ही कुछ हरियाणा के अंबाला जिले के 70 वर्षीय भूपेंद्र सिंह के साथ हुआ. पहले वह टैक्सी चलाकर अपना गुजारा करते थे, लेकिन बीमारी के कारण यह काम छोड़ना पड़ा. घर और दवाइयों का खर्च निकालने के लिए उन्होंने अंबाला शहर के जंडली पुल के नीचे खाना बेचने का काम शुरू कर दिया.

Ambala Bujurg

‘सिंह फूड कार्ट’ के नाम से मशहूर गाड़ी

उनकी यह चलती- फिरती दुकान ‘सिंह फूड कार्ट’ के नाम से जानी जाती है. वह रोजाना घर से खाना बनाकर लाते हैं और हाईवे किनारे लोगों को बेचते हैं. भूपेंद्र सिंह ने बताया कि 1986 से वह टैक्सी चला रहे थे. बाद में उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. डॉक्टरों ने उनके हार्ट में स्टंट डाले, जिसके बाद से उन्हें महंगी दवाइयां लेनी पड़ रही हैं. अब जब उनकी उम्र 70 साल के करीब है, वह लंबी दूरी तक टैक्सी नहीं चला सकते. इसलिए उन्होंने अपनी होंडा गाड़ी में ही खाना बनाकर बेचना शुरू कर दिया.

कम कीमत पर बेचते हैं खाना

भूपेंद्र सिंह कढ़ी चावल और राजमा चावल ₹40 में बेचते हैं. ₹70 में वह एक फुल प्लेट भोजन देते हैं, जिसमें 4 रोटी, सब्जी, चावल, राजमा और कढ़ी शामिल होते हैं. वह कहते हैं कि रोजाना करीब 30 से 35 लोगों को वह घर का बना हुआ खाना खिलाते हैं, जिससे उन्हें ठीक ठाक मुनाफा हो जाता है. इसी आमदनी से वह अपने घर और दवाइयों का खर्च उठा पा रहे हैं.

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Nisha Tanwar
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