चंडीगढ़ | केंद्र सरकार (Central Govt) ने जनगणना 2026 के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर सूचित किया है कि जनगणना का पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा. पहले चरण में हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन और हाउसिंग सेंसस पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा. इसमें घरों की स्थिति, संपत्ति, और उपलब्ध सुविधाओं जैसे फोन, इंटरनेट, वाहन, पेयजल, शौचालय, और रसोई सुविधाओं की जानकारी इकट्ठा की जायेगी.
2 चरणों में होगी जनगणना
यह जनगणना दो चरणों में की जाएगी, जिसमें जातियों की गणना भी शामिल होगी. खास बात यह है कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी. नागरिकों को स्व- गणना का विकल्प भी मिलेगा, जिसके तहत वे मोबाइल ऐप के जरिए अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे.
इस बार जनगणना में आज़ादी के बाद पहली बार जातिगत आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे, जो लंबे समय से सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की मांग रही है.
1 मार्च 2027 से शुरु होगी हरियाणा में जातिगत जनगणना, नोटिफिकेशन जारी#CastCensusInHaryana #haryana pic.twitter.com/qO50gutUyI
— Amandeep Pillania (@APillania) July 2, 2025
हरियाणा में 1 मार्च से होगी शुरू
जनगणना 1 मार्च 2027 से शुरू होगा. इस संदर्भ में वित्त आयुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव हरियाणा डॉ सुमित मिश्रा की ओर से आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. सीएम नायब सैनी ने जातिगत जनगणना को सबसे वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए मार्ग बताया है. उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय की दिशा में जातिगत जनगणना एक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी. उम्मीद है कि नए आंकड़ों के आधार पर आरक्षण नीतियों में परिवर्तन, संसाधन आवंटन और राजनीतिक रणनीतियों में बदलाव आएंगे, लेकिन सामाजिक विभाजन की भी आशंका बनी है.
