फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद जिले में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अनोखी पहल की जा रही है. यहां स्थित मानव रचना शैक्षणिक संस्थानों में प्लास्टिक कचरा से बचने और समाज को जागरूक करने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं. यहां करीब 34,000 किलो प्लास्टिक को रीसायकल कर 15 मजबूत बेंच, 100 से ज्यादा टी- शर्ट और चार कूड़ेदान तैयार किए गए हैं. इन्हें मानव रचना परिसर और भांखरी के सरकारी स्कूल में स्थापित किया गया है.
यह फाउंडेशन चला रहा ‘ग्रीन ग्रह प्रोजेक्ट’
इस पहल का श्रेय मानव रचना ग्रुप की सामाजिक शाखा डॉ. ओपी भल्ला फाउंडेशन को जाता है, जो इसका संचालन कर रही है. साल 2023 में इस अभियान की शुरुआत ‘ग्रीन ग्रह प्रोजेक्ट’ के तौर पर की गई थी. इसमें मानव रचना इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थी भी बढ़- चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. इस पहल का उद्देश्य घरों से निकलने वाले कचरे को सही तरीके से छांटकर रीसायकल करना है, ताकि उसे दोबारा इस्तेमाल में लाने योग्य बनाया जा सके.
रीसायकल प्लास्टिक से बन रही उपयोगी वस्तुएं
ग्रुप के डायरेक्टर जनरल डॉ. एन.सी. वाधवा ने बताया कि विद्यार्थियों और छात्रों को घरों से निकलने वाले प्लास्टिक को फेंकने के बजाय फाउंडेशन में जमा करवाने की अपील की गई है. यहां से जो प्लास्टिक मिलता है, उसे प्रोसेस करके रीसायकल कर दिया जाता है. वेस्ट टू वंडर नाम की संस्था भी इस काम में सहयोग कर रही है. हर 2000 किलो प्लास्टिक पर एक मजबूत बेंच बनाकर उन्हें दिया जाता है, जिन्हें स्कूलों, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों पर मुफ्त में स्थापित किया जा रहा है.
महिलाओं को मिला रोजगार
इस विषय में जानकारी देते हुए फाउंडेशन की सीनियर प्रोग्राम मैनेजर डॉ. वैशाली माथुर ने बताया कि अब तक इस प्लास्टिक से 100 से ज्यादा टी- शर्ट बनाकर जरूरतमंद बच्चों में बांट दी गई है. इसके लिए 10,000 किलो प्लास्टिक की आवश्यकता पड़ी. इसके अलावा, जरूरतमंद, आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब महिलाओं को भी इस काम से रोजगार मिला है. इस काम से वे महिलाएं ₹20,000 तक की कमाई कर रही हैं.
छात्रों ने स्टॉल लगाकर की कमाई
विद्यार्थियों ने रीसायकल प्रोडक्ट्स का स्टॉल लगाकर ₹12000 की कमाई की है, जिसे आगे के प्रोजेक्ट्स में इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने बताया कि इस पहल से अब तक 15 मेट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोका जा चुका है. फाउंडेशन का कहना है कि शहर के बाकी लोगों को भी इस अभियान से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि शहर को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाया जा सके.
