चंडीगढ़ | पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार (Haryana Govt) पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया है. यह जुर्माना प्रदेश सरकार द्वारा भर्ती नियमों में संशोधन कर उन्हें पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू करने के फैसले पर लगाया गया है. कोर्ट ने इसे खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि इस फैसले से आवेदकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन होता है.
नहीं दी गई नियुक्ति
हाईकोर्ट के समक्ष अभिषेक वर्मा और अंकुर मित्तल की ओर से याचिका दायर की गई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम, 2018 के अनुसार पात्र होने के बावजूद उन्हें हरियाणा सिविल सेवा और हरियाणा पुलिस सेवा में नियुक्ति नहीं दी गई.
बीच में नियम बदलना नहीं स्वीकार्य: हाईकोर्ट
चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा कि इस घटनाक्रम से याचिकाकर्ताओं के सार्वजनिक रोजगार में निष्पक्ष अवसर के मौलिक अधिकार का उल्लंघन हुआ है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि जब खेल शुरू हो जाए, तो नियमों में बदलाव नहीं किया जा सकता. चयन प्रक्रिया के बाद इंटरव्यू के लिए न्यूनतम अंक तय करना न्यायसंगत नहीं है. यह खेल समाप्त होने के बाद नियम बदलने जैसा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.
