चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से 26 और 27 जुलाई को संयुक्त पात्रता परीक्षा यानी सीईटी का आयोजन करवाया गया है. इस परीक्षा के बाद कुछ उम्मीदवार काफी असमंजस में थे. ऐसा इसलिए क्योंकि कहा जा रहा था कि परीक्षा का आयोजन 4 शिफ्ट में हुआ है, जिनमें परीक्षा के स्तर का काफी ज्यादा अंतर था. कहा जा रहा है कि 2 शिफ्ट बिल्कुल आसान है और उनके मुकाबले 2 शिफ्ट में मुश्किल सवाल आए हैं.
CET में लागू होगा नॉर्मलाइजेशन
पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने उम्मीदवारों के इस समस्या को हल कर दिया है. चेयरमैन हिम्मत सिंह ने संकेत दिए हैं कि ग्रुप- सी भर्ती के लिए हुए कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) में नॉर्मलाइजेशन लागू होगा. यह निर्णय उन लाखों उम्मीदवारों के लिए अहम है जिन्होंने यह परीक्षा दी है.
चेयरमैन ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नॉर्मलाइजेशन को लेकर अगर किसी के पास कोई अच्छा और कानूनी रूप से मान्य सुझाव हो तो वे उसे भेज सकते हैं.
आयोग ने दिया आश्वासन
आयोग ने यह भी आश्वासन दिया है कि इस प्रोसेस के बाद किसी भी उम्मीदवार को कोई शिकायत नहीं रहेंगी. CET परीक्षा 4 अलग- अलग शिफ्टों में आयोजित हुई है. जब कोई भी परीक्षा एक से ज्यादा शिफ्टों में होती है, तो यह स्वाभाविक है कि सभी पेपरों का कठिनाई स्तर एक समान नहीं हो सकता. किसी शिफ्ट का पेपर थोड़ा सरल हो सकता है, तो किसी का थोड़ा मुश्किल. ऐसे में सभी उम्मीदवारों को एक समान मंच देने के लिए नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले का इस्तेमाल किया जाता है.
नॉर्मलाइजेशन को लेकर यदि आप सभी के पास कोई अच्छा सुझाव है जो कि कानूनी तौर पर मान्य हो, तो उसे हमें भेज सकते हैं। आयोग उसपर विचार करेगा। हम आप सभी को आश्वस्त करते हैं कि नॉर्मलाइजेशन के बाद किसी को भी कोई शिकायत नहीं होगी।
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— Himmat Singh (@advhimmatsingh) August 8, 2025
उम्मीदवार को नहीं होगा नुकसान
नॉर्मलाइजेशन का मुख्य उद्देश्य यही है कि किसी भी उम्मीदवार को उसके पेपर की कठिनाई के कारण नुकसान न हो. इस फॉर्मूले से यह सुनिश्चित किया जाता है कि किसी भी उम्मीदवार को सिर्फ इसलिए ज्यादा या कम अंक न मिलें क्योंकि उसने आसान या मुश्किल पेपर दिया था. मान लीजिये यदि किसी शिफ्ट का पेपर बहुत हार्ड था और उस शिफ्ट के उम्मीदवारों के औसत अंक कम आए, तो नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला उनके अंकों को बढ़ाकर उन उम्मीदवारों के बराबर ला देगा जिन्होंने सरल पेपर दिया था.
इसी तरह यदि किसी शिफ्ट का पेपर बहुत सरल था और उम्मीदवारों के अवरेज अंक बहुत ज्यादा आए, तो उनके अंकों में थोड़ी कमी की जा सकती है. इससे सभी उम्मीदवारों के साथ न्याय किया जाता है. हरियाणा में साल 2022 में हहुई CET परीक्षा में भी HSSC ने नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूला लागू किया गया था.
2022 में भी लगाया गया था फॉर्मूला
उस वक़्त भी लाखों उम्मीदवारों के शामिल होने और अलग- अलग शिफ्टों में परीक्षा होने की वजह से इसे अपनाया गया था. 2022 में नॉर्मलाइजेशन का विरोध भी हुआ था. कुछ उम्मीदवारों ने पंचकूला में HSSC कार्यालय के बाहर धरना भी दिया था. उनकी मुख्य मांग यह थी कि सिलेक्शन सिर्फ अंकों के आधार पर हो और हर पद के लिए एक ही पेपर आयोजित किया जाए. इस बार भी नॉर्मलाइजेशन को लेकर कुछ विरोध की आशंका है, यही कारण है कि आयोग ने कानूनी सुझाव मांगे हैं.
