चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने बाढ़ और जलभराव से प्रभावित किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है. प्रदेश सरकार ने इन किसानों को फिर से बड़ी राहत प्रदान करते हुए ई- क्षतिपूर्ति पोर्टल को 15 सितंबर तक खोलने का फैसला लिया है जबकि पहले यह तारीख 10 सितंबर थी.
सरकार का राहत भरा फैसला
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से किसान बाढ़ और जलभराव से अपनी खरीफ फसलों में हुए नुकसान की जानकारी अपलोड कर सकते हैं और क्षतिपूर्ति के लिए दावा दर्ज कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि अब तक करीब 4 लाख एकड़ खरीफ फसलों के नुकसान के दावे इस पोर्टल पर दर्ज किए जा चुके हैं.
बुधवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने एक उच्चस्तरीय रिव्यू बैठक बुलाई थी, जिसमें राज्य में सामान्य से अधिक वर्षा के कारण उत्पन्न हुई स्थिति और बाढ़ प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई. इस बैठक में विभिन्न विभागों, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन इकाइयों और अन्य हितधारकों के साथ तैयारियों का जायजा लिया गया.
खेतों में जलभराव से हालात खराब
बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दावों का सत्यापन और भुगतान प्रकिया को तेजी से पूरा किया जाए ताकि किसानों को समय पर आर्थिक सहायता राशि का लाभ मिल सके. बता दें कि हरियाणा में इस बार मानसूनी सीजन में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है, जिसके चलते कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं. खेतों में कई फीट तक पानी खड़ा हो चुका है. कई गांव पूरी तरह से जलमग्न हो चुके हैं.
