नई दिल्ली | राजधानी के गांवों में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है. दिल्ली ग्रामोदय अभियान के तहत, अब तक 252 गांवों को पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) से जोड़ दिया गया है. मार्च 2024 से शुरू हुई इस योजना का मकसद ग्रामीण इलाकों में भी साफ- सुथरा और सुरक्षित ईंधन पहुंचाना है. अब दिल्ली के कई गांवों में महिलाओं को खाना बनाने के लिए लकड़ी या मिट्टी के तेल पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा.
डीडीए के अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली के कुल 359 गांवों में से 252 में अब पीएनजी नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय है. करीब तीन- चौथाई ग्रामीण इलाका अब गैस पाइपलाइन से जुड़ चुका है. अब तक 73,981 उपभोक्ताओं को गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं. वहीं, बाकी गांवों को जल्द ही इस सुविधा से जोड़ने की तैयारी चल रही है.
अन्य विकास परियोजनाएं मंजूर
ग्रामोदय अभियान सिर्फ गैस कनेक्शन तक सीमित नहीं है. इस योजना के तहत, ग्रामीण इलाकों को बेहतर बनाने के लिए ₹860 करोड़ की लागत से 854 विकास परियोजनाएं मंजूर की गई हैं. इन परियोजनाओं में सड़कें, नालियां, आवास, फुटपाथ और पेयजल व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं को दुरुस्त किया जा रहा है. डीडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक 428 परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जबकि बाकी काम तेजी से चल रहा है.
दूरी कम करने की कोशिश
डीडीए की यह पहल दिल्ली के शहरी और ग्रामीण इलाकों के बीच की खाई को मिटाने की दिशा में बड़ा कदम है. अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली के ग्रामीण इलाकों को अब सिर्फ नाम भर के गांव नहीं रहने दिया जाएगा. यहां के लोगों को भी वही सुविधाएं मिलेंगी जो शहरों में रहने वालों को मिलती हैं.
साफ ईंधन से पर्यावरण को भी राहत
गांवों में पीएनजी पहुंचने से न सिर्फ लोगों का जीवन आसान होगा, बल्कि पर्यावरण को भी बड़ा फायदा होगा. लकड़ी और मिट्टी के तेल के धुएं से होने वाले प्रदूषण में कमी आएगी और महिलाओं का स्वास्थ्य भी सुधरेगा. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में बाकी बचे 107 गांवों को भी चरणबद्ध तरीके से पाइप्ड गैस और दूसरी नागरिक सेवाओं से जोड़ा जाएगा.
