गुरुग्राम | साईबर सिटी गुरुग्राम में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में महिपालपुर में शिवमूर्ति से लेकर सिरहौल बाॅर्डर तक दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे को एलिवेटेड बनाया जाएगा. नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा जल्द ही इसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाएगी. केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी साझा की है.
लंबे समय से डिमांड
वैसे तो पूरे दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दबाव बहुत ज्यादा रहता है, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी महिपालपुर में शिवमूर्ति के सामने से लेकर सिरहाैल बार्डर तक पहुंचने में होती है. करीब 4 किलोमीटर की इस दूरी को तय करने में 30 मिनट और कई बार तो 1 घंटे तक का समय लग जाता है. इस परेशानी को देखते हुए दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के इस हिस्से को लंबे समय से एलिवेटेड करने की मांग उठाई जा रही है.
यह भी मांग की जा रही है कि सबसे पहले शिवमूर्ति के सामने से लेकर एंबियंस माल के सामने तक यानि सिरहौल बाॅर्डर तक इस एक्सप्रेसवे को एलिवेटेड बनाया जाए. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने फिर इस विषय को उठाते हुए कहा कि महिपालपुर फ्लाईओवर को पार करने में ही आधे घंटे से ज्यादा समय लगता है.
राज्यमंत्री ने दिया सुझाव
उन्होंने नितिन गडकरी को बताया कि महिपालपुर के नजदीक एयरपोर्ट होने के चलते तकनीकी कारणों से अधिकारी एलिवेटेड बनाने को लेकर कमियां निकाल रहे हैं. कम से कम महिपालपुर के बाद से शुरू कर सिरहौल बार्डर तक तो एलिवेटेड निर्माण का कार्य तुरंत प्रभाव से शुरू होना चाहिए. इसपर अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही DPR पर काम शुरू किया जाएगा.
राव इंद्रजीत सिंह ने यह भी सुझाव दिया कि महिपालपुर के नीचे से आने वाले ट्रैफिक को सर्विस लेन के माध्यम से गुरुग्राम व कापसहेड़ा की ओर मोड़ दिया जाए. इस एक्सप्रेसवे पर अवैध कटों को बंद किया जाना चाहिए. इससे भी ट्रैफिक जाम से निजात मिलेगी.
