ज्योतिष | पौष महीने की कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को सफला एकादशी (Saphala Ekadashi 2025) के नाम से जाना जाता है. हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व बताया गया है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने का महत्व बताया गया है ऐसा करने से व्यक्ति को उनके जीवन में सफलता प्राप्त होती है. इसी के साथ एकादशी के दिन तुलसी के समक्ष घी का दीपक जलाना भी काफी अच्छा माना जाता है, ऐसा करने से व्यक्ति को अपने जीवन में सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

आज की इस खबर में हम आपको सफला एकादशी के बारे में जानकारी देने वाले हैं. जिसको लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन की स्थिति दिखाई दे रही है. अगर आप हमारे इस आर्टिकल को लास्ट तक पढ़ते हैं, तो आपका यह सारा कंफ्यूजन दूर हो जाएगा.
15 दिसंबर को सफला एकादशी
उदयातिथि के अनुसार, एकादशी का पावन पर्व 15 दिसंबर को धूमधाम से मनाया जाएगा. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठे और अपने दैनिक कार्य करके स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें. इसके बाद, भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प ले और पूजा शुरू करें. सबसे पहले आपको भगवान विष्णु को जल और पंचामृत से अभिषेक करना है. उन्हें फूल, पीला चंदन अक्षत आदि अर्पित करना है. अब भोग लगाए और घी का दीपक जलाकर भगवान विष्णु के विशेष मंत्रों का जप करें. ऐसा करने से वह आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं.
इन मंत्रों का करें जाप
- ॐ श्री विष्णवे च विद्महे वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥
- ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि । ॐ भूरिदा त्यसि श्रुतः पुरुत्रा शूर वृत्रहन् । आ नो भजस्व राधसि ।
- ॐ अं वासुदेवाय नमः ।। ॐ आं संकर्षणाय नमः ।। ॐ अं प्रद्युम्नाय नमः ।। ॐ अः अनिरुद्धाय नमः ।। ॐ नारायणाय नमः ।।
- ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान। यस्य स्मरेण मात्रेण हृतं नष्टं च लभ्यते ।।
- श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे। हे नाथ नारायण वासुदेवाय ।।
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.