चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार द्वारा मधुमक्खी पालकों के हित में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. अब भावांतर भरपाई योजना में शहद को भी शामिल किया गया है. यह योजना सरकार की अनूठी पहल है, जिसके तहत बागवानी उत्पादों को बाजार में उनके उत्पादों के लिए कम कीमत मिलने पर मुआवजा दिया जाता है.

भावांतर भरपाई योजना का मिला लाभ
इसी कड़ी में सीएम नायब सैनी ने पंचकूला में आयोजित विश्व मधुमक्खी दिवस कार्यक्रम में 30 किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत 1.02 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की. मुख्यमंत्री ने किसानों से खेती के साथ मधुमक्खी पालन अपनाने का आह्वान किया. उन्होंने बताया कि कुरुक्षेत्र के रामनगर में इजरायल तकनीक आधारित एकीकृत मधुमक्खी पालन विकास केंद्र एवं शहद व्यापार केंद्र स्थापित किया गया है.
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए 85 प्रतिशत तक सब्सिडी दे रही है तथा इसे मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना और भावांतर भरपाई योजना में भी शामिल किया गया है.
इस तरह मिलेगा योजना का लाभ
प्रदेश सरकार द्वारा भावांतर भरपाई योजना के तहत शहद का संरक्षित मूल्य 120 रुपये प्रति किलोग्राम तय किया गया है. योजना का लाभ उठाने के लिए मधुमक्खी पालकों को अपने प्रत्येक मधुमक्खी बॉक्स पर फैमिली आईडी के अंतिम चार अंक और उसके बाद सीरियल नंबर की आईडी अंकित करवाना जरूरी है. योजना का लाभ उठाने के लिए मधु क्रांति पोर्टल और भावांतर भरपाई योजना पोर्टल पर पंजीकरण करवाना जरूरी है. आवेदक हरियाणा का मूल निवासी होना चाहिए.
सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य यह है कि कल को हम जो प्रोडक्शन निकालेंगे वह बक्से के हिसाब से निकाले और वेरीफाई करेंगे, ताकि एक ही बक्सा रिपीट न हो. उन बक्से के हिसाब से शहद प्रोडक्शन की एवरेज निकाली जाएगी और उसे ही इस योजना में शामिल किया जाएगा.