चंडीगढ़ | हरियाणा में सरकारी स्कूलों की तस्वीर जल्द बदलने वाली है. बता दें कि राज्य सरकार अब सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर निजी स्कूलों के बराबर लाने की तैयारी में जुट गई है. इसके लिए राज्य सरकार ने 8 हजार करोड़ रूपए का बजट तैयार किया है. इस बजट का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाना, डिजिटल सुविधाएं उपलब्ध कराना और छात्रों को बेहतर वातावरण देना है.

शिक्षकों और स्कूल संचालन पर सबसे ज्यादा बजट
अब सरकारी स्कूलों को पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रखते हुए, उन्हें स्मार्ट और टेक्नोलॉजी आधारित शिक्षा केंद्रों में बदलने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. इसके तहत गांवों से लेकर शहरों तक स्मार्ट क्लास रूम, डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब और आधुनिक लाइब्रेरी विकसित की जाएगी. इसके लिए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा की निगरानी में शिक्षा के अलग- अलग क्षेत्रों में सुधार और विस्तार के लिए बजट का आवंटन कर दिया गया है.
इस पूरे बजट का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षकों और स्कूल संचालन व्यवस्था को मजबूत करने पर खर्च किया जाएगा. शिक्षण स्टाक और संस्थागत व्यवस्थाओं के लिए लगभग 5 हजार करोड़ रुपए निर्धारित किए गए है. सरकार का कहना है कि अगर स्कूलों में पर्याप्त और प्रशिक्षित शिक्षक होंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता अपने आप बेहतर हो जाएगी.
बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा पर फोकस
सरकार ने शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए भी विशेष प्रावधान किया है. जूनियर बेसिक ट्रेनिंग संस्थानों और आधुनिक शिक्षण तकनीकों के प्रशिक्षण पर लगभग 80 करोड़ रूपए खर्च किए जाएगे. इसके साथ ही डिजिटल एजुकेशन को बढ़ावा देने के लिए सूचना एवं संचार तकनीक (ICT) पर लगभग 65 करोड़ रूपए से अधिक का बजट रखा गया है. नए भवनों और विकास कार्यों के लिए करीब 250 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा मॉडल स्कूल खोलने के लिए लगभग 60 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है.
सरकार ने छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षा को भी प्राथमिकता दी है. ‘बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओं’ कार्यक्रम के लिए लगभग 40 करोड़ रूपए तय किए गए है. BPL परिवारों के बच्चों, अनुसूचित जाति और पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों के लिए भी कई योजनाएं लागू की जाएगी. कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को स्टाइपेंड, छात्रवृत्ति, मुफ्त साइकिल और परीक्षा फीस में राहत जैसी सुविधाएं मिलेगी. बुक बैंक और लाइब्रेरी योजना पर लगभग 62 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे.