नई दिल्ली | राजधानी यानी कि दिल्ली सरकार शहर में न्यायिक अधिकारियों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर विकसित करने की तैयारी में है. इस परियोजना के तहत, शाहदरा स्थित सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) क्षेत्र में करीब 200 करोड़ रुपये की लागत से 84 आवासीय फ्लैट बनाए जाएंगे. इससे लोगों को रहने की बेहतर सेवाएं मिलेंगी. टेंडर दस्तावेजों के अनुसार, इसको आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (DTTDC) ने वास्तुशिल्प डिजाइन और इंजीनियरिंग सेवाओं के लिए सलाहकार फर्मों से आवेदन आमंत्रित किए हैं. चयनित फर्म परियोजना की डिजाइनिंग से लेकर विभिन्न सरकारी एजेंसियों से आवश्यक मंजूरियां प्राप्त करने तक की जिम्मेदारी संभालेगी.

परियोजना के तहत, पूर्वी दिल्ली में लगभग 1 हेक्टेयर क्षेत्रफल वाले भूखंड पर न्यायिक अधिकारियों के लिए आवासीय स्टाफ क्वार्टर बनाए जाएंगे. इस परिसर में कुल 84 आवासीय इकाइयां विकसित की जाएंगी. इनमें 36 जिला न्यायाधीशों और 48 सिविल न्यायाधीशों के लिए अलग- अलग आवास उपलब्ध कराए जाएंगे.
इन्हें दी गई जिम्मेदारी
दस्तावेजों के अनुसार, जिला न्यायाधीशों के लिए प्रस्तावित प्रत्येक फ्लैट का क्षेत्रफल करीब 2,500 वर्ग फुट होगा जबकि सिविल न्यायाधीशों के लिए 2 हजार वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले फ्लैट बनाए जाएंगे जोकि आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी. दिल्ली सरकार से मंजूरी मिलने के बाद विधि विभाग ने इस परियोजना के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी DTTDC को सौंप दी है. परियोजना के लिए आवश्यक भूमि पहले ही दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा विधि विभाग को आवंटित की जा चुकी है. यह भूखंड करीब 10 हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है.
DPR होगी तैयार
चयनित सलाहकार फर्म विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करेगी. इसके अलावा, वास्तुशिल्प और संरचनात्मक डिजाइन, निर्माण संबंधी तकनीकी दस्तावेज और अन्य आवश्यक योजनाएं भी तैयार की जाएंगी. परियोजना को फाइनल रूप देने के लिए दिल्ली नगर निगम, दिल्ली अग्निशमन सेवा और दिल्ली शहरी कला आयोग सहित विभिन्न विभागों से वैधानिक मंजूरियां प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सलाहकार फर्म की जिम्मेदारी होगी.