रोहतक में उच्च समुदाय के लड़के ने की दलित समाज की लड़की से घर में घुसकर छेड़छाड़, गाँव में हो रहा दलित समाज का बहिष्कार

रोहतक । हरियाणा में इन दिनों मारपीट, ऑनर किलिंग और जातीय उत्पीड़न की घटनाये बढ़ती जा रही है. हुए दिन राज्य में कोई न कोई बड़ी घटना सुनने को मिलती है.  इसी बीच हरियाणा के रोहतक जिले के भैणी मातो गांव से एक दलित समाज की लड़की के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है. घटना के बाद 45 दलित परिवारों का कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है.

Police

ये है पूरा मामला

मामला रोहतक जिले के मातो गांव का है. जहाँ 7 दिसंबर की रात को कुलदीप उर्फ भोलू बुरी नीयत से अपनी भतीजी के घर में घुस गया. कुलदीप ने बताया कमरे में उस समय पीड़िता के माता पिता, भतीजा व सत्रह साल की भतीजी सो रहे थे. कुलदीप उसकी भतीजी से छेड़छाड़ करने लगा. उसी समय लड़की ने शोर मचा दिया। और सभी की आंखे खुल गई. परिवारीजनों ने उसी समय कुलदीप को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया. इसके बाद लड़की के परिवार ने SC/ST एक्ट को मिलाकर अन्य धाराओं के साथ आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा दिया. पुलिस ने आरोपी कुलदीप के खिलाफ धारा 8, 354, 452, 506 के तहत केस दर्ज कर दिया.

पंचायत ने लिया अहम फैसला

वही घटना के बाद से ही दलित समाज और पीड़िता के परिवार पर दवाब बनाया जा रहा है. कि वह इस मामले को वापिस लें. साथ ही इस घटना के बाद गांव भैणी मातो में 45 दलित परिवारों का कथित तौर पर सामाजिक बहिष्कार किया जा रहा है. परंतु इसके साथ ही इस मामले को लेकर गांव में पंचायत भी की गई जहां पंचायत की ओर से फैसला सुनाया किया गया कि गांव का कोई भी व्यक्ति उस युवक व उनसे संबंध रखने वाले 45 परिवारों के साथ बोलचाल नहीं करेगा और न ही किसी तरह का संबंध रखेगा. और न ही इन परिवारों के सदस्यों को खेत, घर व दुकान में प्रवेश नहीं करने देगा. यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उससे 11 हजार रुपये का जुर्माना वसूला जाएगा.

खबरों के मुताबिक भैणी मातो गांव निवासी एक युवक ने 7 दिसंबर को महम थाने में शिकायत दी थी. जिसमें उसने कहा था कि वह अनुसूचित जाति से संबंध रखता है. इसके बाद आरोपी ने पुलिस को पूरी घटना बताई. वही अब इस घटना के बाद महम थाना प्रबारी प्रहलाद सिंह ने कहा कि गांव में फिलहाल किसी तरह का तनाव नहीं है. आज भी पीड़ित पक्ष से हमारी मुलाकात हुई है. हम लोग लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में हैं. साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि यदि गांव में कोई व्यक्ति उनका सामाजिक बहिष्कार करता हुआ पाया गया तो ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी. कोई भी उनको सार्वजनिक स्थलों पर आने से नहीं रोक सकता है.

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Shradha Upadhyay
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