सिरसा | हरियाणा के सिरसा जिले में जिला परिषद चेयरमैन को लेकर चली आ रही आंख- मिचौली आज खत्म हो गई है. इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अभय चौटाला के बेटे कर्ण चौटाला को जिला परिषद चेयरमैन बनाया है. इनेलो प्रत्याशी कर्ण चौटाला ने आम आदमी पार्टी के गुरभेज सिंह को हराकर चेयरमैन का पद हासिल किया जबकि वाइस चेयरमैन का पद आजाद प्रत्याशी मीना देवी के हाथ लगा है. उन्होंने भी आप पार्टी की प्रत्याशी संदीप कौर को हराया है.
कर्ण को मिलें 12 वोट
जिला परिषद चेयरमैन के पद के लिए हुए इस चुनाव में इनेलो प्रत्याशी कर्ण सिंह चौटाला को कुल 12 वोट हासिल हुए जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी प्रत्याशी गुरभेज सिंह को 6 वोट मिले. वहीं, वाइस चेयरमैन के चुनाव में आज़ाद प्रत्याशी मीना रानी को 13 वोट मिले जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी संदीप कौर को 6 वोट हासिल हुए.
17 साल बाद चौटाला परिवार को कामयाबी
बता दें कि सिरसा जिला परिषद में 24 सीटें है. इनेलो के पास 10, आम आदमी पार्टी के 6, जजपा समर्थित 1, भाजपा समर्थित 3, मीनू समर्थित 2 और 2 आजाद प्रत्याशी चुनाव जीत कर आए थे. बहुमत किसी भी दल के पास नहीं है. बहुमत के लिए 13 पार्षदों का होना जरूरी है. इनेलो के पास 10 पार्षद जीतकर आए थे. ऐसे में सुबह कर्ण चौटाला अपने 10 पार्षदों और 3 आजाद पार्षदों के साथ पंचायत भवन में पहुंचे थे.
वहीं, आम आदमी पार्टी के भी 6 पार्षद पंचायत भवन पहुंचे थे. ऐसे में चुनाव के लिए कोरम पूरा हो गया है. बहुमत के लिए 13 पार्षदों की जरूरत है. कर्ण चौटाला की जीत के साथ ही 17 सालों बाद चौटाला परिवार का कोई सदस्य तीसरी बार जिला परिषद का चैयरमेन बना है. जिला परिषद पर 1995 से लेकर अब तक इनेलो का कब्जा चलता आ रहा है. पहली बार अभय सिंह चौटाला इसके चेयरमैन बने. इसके बाद इनेलो के राधेश्याम गोदारा चैयरमैन बने. अभय चौटाला दो बार चेयरमैन रह चुके हैं.
