भिवानी | गांवों में जोहड़ो के सुंदरीकरण को लेकर हरियाणा सरकार की ओर से पंचायती राज विभाग में कोई बजट नहीं दिया जाएगा. ग्राम पंचायत अपने स्तर पर जोहड़ों की मिट्टी छंटाई का काम ग्राम पंचायत के मद से ही करा पाएंगी. ग्राम पंचायतों को 21 लाख रुपये तक की ग्रांट अपने स्तर पर खर्च की अनुमति रहेगी. इससे ज्यादा राशि के कार्यों को पंचायती राज विभाग को ई-टेंडरिंग के माध्यम से पूरा करवाना होगा.
विभाग ने जारी की हिदायतें
अब गांवों के प्राचीन जोहड़ों की हालत खुद ग्राम पंचायत अपने स्तर पर ही सुधारेगी. इसके लिए सरकार ने अलग से बजट का प्रावधान बंद कर दिया है. दरअसल, भिवानी जिले में कई ग्राम पंचायतों ने पंचायती राज विभाग के पास गांव के जोहड़ों की गंदगी छंटाई और उनके सुंदरीकरण का प्रस्ताव भेजा था. इस पर विभाग ने ग्राम पंचायतों को ये कार्य अपने मद से ही कराने के लिए हिदायतें दी हैं.
बता दें कि भूमिगत जल रिचार्ज करने और जल संचय के अंदर संसाधनों को मजबूत करने के लिए सरकार पौंड बनवा रही है. हालांकि, ये कार्य सिंचाई विभाग व अन्य सरकारी विभाग भी कर रहे हैं, जिसमें गांवों के अंदर पुराने जोहड़ों को विकसित किया जाना है. पंचायती राज विभाग में ग्राम पंचायतों के लिए जोहड़ों के सुंदरीकरण का अलग से कोई बजट नहीं मिल रहा है. ऐसे में ग्राम पंचायतें खुद के बजट से ही ये कदम उठा रही है.
ग्राम पंचायतें अपनी पंचायत के मद की राशि से गांवों के जोहड़ों की मिट्टी छंटाई का काम करा सकती है. ग्राम पंचायत अपने मद की राशि से 21 लाख रुपये तक के काम बिना टेंडर के करा सकती है. इससे अधिक राशि पर ई टेंडरिंग से काम कराए जाएंगे- संभव जैन, कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज तकनीकी विभाग, भिवानी
