नई दिल्ली | अगर आप भी हाल ही में गोल्ड में निवेश करने की प्लानिंग कर रहे है, तो आज की यह खबर आपके लिए है. गोल्ड की बढ़ती डिमांड की वजह से बीते वर्ष अगस्त तक 140393 करोड रुपए का गोल्ड लोन बांटा गया है. अब इस साल अगस्त में यह बढ़कर 3 लाख 05814 करोड रुपए तक पहुंच गया है. सालाना आधार पर इसमें 117 परसेंट से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है. आज की इस खबर में हम आपको बढ़ते गोल्ड लोन की डिमांड के बारे में जानकारी देने वाले हैं.
गोल्ड लोन लेने वालों के लिए बड़ी अपडेट
पिछले कुछ दिनों से लगातार सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिल रही है. वहीं, दूसरी कैटेगरी के लोन की बात की जाए तो पर्सनल, व्हीकल, एजुकेशनल, क्रेडिट कार्ड, आवास लोन आदि के अगेंस्ट लोन की वृद्धि दर काफी सीमित रही है. लोग सोने की ज्वेलरी को गिरवी रखकर अपनी फाइनेंशियल आवश्यकताओं को पूरा कर रहे हैं. इस साल मार्च तक 2 लाख 8735 करोड रुपए का गोल्ड लोन दिया गया है, जो जुलाई तक बढ़कर 2 लाख 94166 करोड रुपए हो गया. महज 1 महीने के अंदर ही 12000 करोड़ से ज्यादा का उछाल दर्ज किया गया है.
इस वजह से बढ़ रही लोकप्रियता
गोल्ड लोन की लोकप्रियता इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि यह तेजी से मिलने वाला और अपेक्षाकृत सुरक्षित लोन विकल्प बन चुका है. मौजूदा नियमों के तहत बैंक और नॉन- बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां 2.5 लाख रुपये तक का लोन सोने की ज्वेलरी के कुल मूल्य का 85 प्रतिशत तक प्रदान कर सकती हैं.
वॉयस ऑफ बैंकिंग के फाउंडर अश्विनी राणा कहते हैं कि सोने की बढ़ती कीमतों ने लोन लेने की प्रवृत्ति को और भी ज्यादा तेज किया है. सोने का भाव बढ़ने से गिरवी रखी ज्वेलरी के बदले अधिक राशि लोन के रूप में मिल रही है, जिससे आम लोग अपनी तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल कर रहे हैं.
