नई दिल्ली, Share Market | यदि आप भी शेयर बाजार में निवेश करते हैं तो आपको पता होगा कि रोजाना शेयर्स की कीमतों में उतार- चढ़ाव बना रहता है. राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण की मुंबई पीठ ने रिलायंस कैपिटल की समाधान प्रक्रिया को पूरा करने की समय सीमा 3 महीने बढ़ा दी है. इस फैसले के बाद से अब समय सीमा बढ़ कर 26 जुलाई तक कर दी गई है.
कर्ज में डूबी रिलायंस कैपिटल के कर्जदाता नीलामी का दूसरा चरण आयोजित करने पर भी सहमत हो गए हैं. पिछली समय सीमा 16 अप्रैल को खत्म हो चुकी है. बता दें कि कंपनी के शेयर 1% से अधिक गिरावट पर गिरकर 9 रूपये के स्तर पर बंद हुए है.
इस कंपनी ने निवेशको को किया कंगाल
5 साल पहले तक इन शेयरों की कीमत 472 रूपये हुआ करती थी जो आज गिरकर 9 रूपये तक आ गई है. सूत्रों की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि 90 दिनों की समय सीमा बढ़ाने की काफी आवश्यकता थी. इस वजह से कर्जदाताओं ने 26 अप्रैल को दूसरे दौर की नीलामी आयोजित करने का भी फैसला लिया है. साथ ही, इस बारे में भी घोषणा की गई है कि जिन बोली दाताओं ने नीलामी के दूसरे दौर में अपनी भागीदारी की पुष्टि की उनमें हिंदुजा समूह की इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग लिमिटेड, टोरेंट इन्वेस्टमेंट और सिंगापुर स्तिथ ओकट्री शामिल है.
पहले दौर की पूरी हो चुकी नीलामी
इससे पहले दूसरे दौर की नीलामी 11 अप्रैल को होनी थी परंतु बोली दाताओं की तरफ से कुछ मुद्दों को उठाया गया. जिसके बाद, इसे 26 अप्रैल तक टाल दिया गया. सूत्रों की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि बोलीदाताओं ने रिलायंस कैपिटल के ऋणदाताओ से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि दूसरे दौर की नीलामी पूरी होने के बाद आगे कोई भी बातचीत नहीं की जाएगी. इसके बाद, समाधान प्रक्रिया का अंतिम रूप होगा. आरकैप के समाधान प्रक्रिया को पूरा करने के लिए समय सीमा को पहले ही कई बार बढ़ाया जा चुका है.
बोलीदाताओं की प्रमुख चिंता दीवाला एवं ऋण शोधन क्षमता और समाधान योजना के अनुरोध दिशानिर्देशों के अनुसार प्रक्रिया को पूरा करने को लेकर है. ऐसा इसलिए है क्योंकि नीलामी के पहले दौर में हिंदुजा समूह कंपनी की बोली नीलामी के बाद ही जमा की गई थी. बता दें कि पहले दौर की नीलामी में टोरेंट ने सर्वाधिक 8,640 को रुपए की बोली लगाई थी.
