पंजाब के बाद हरियाणा पर नज़र, क्या काम आएगा AAP का गुड गवर्नेंस मॉडल

चंडीगढ़ । पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 में शानदार जीत दर्ज कर आम आदमी पार्टी ने बदलाव की नई राजनीति शुरू कर दी है. पंजाब विधानसभा चुनाव में कुल 117 विधानसभा सीटों में से 92 सीटों पर प्रचंड बहुमत हासिल कर आम आदमी पार्टी ने संकेत दे दिए हैं कि अब उनका आधार एक सीमित क्षेत्र तक रहने वाला नहीं है. आम आदमी पार्टी ने नई मंजिलों की तैयारी शुरू करते हुए अपना फोकस हरियाणा और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों पर कर लिया है. जहां आने वाले वक्त में चुनाव होने वाले हैं.

arvind kejriwal

AAP का सदस्यता अभियान

आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी को मिली कामयाबी का असर इन राज्यों में भी देखने को मिल रहा है. वही पार्टी के राज्यसभा सदस्य और हरियाणा के प्रभारी सुनील गुप्ता ने दावा किया है. कि महज 4 दिन चले सदस्यता अभियान में 1 लाख से अधिक लोग आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ चुके हैं। जबकि 40 विधायक और सांसद आम आदमी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं.

प्रदेश प्रभारी सुनील गुप्ता ने आगे कहा कि हरियाणा में 100% तय है कि झाड़ू चलेगी. हरियाणा के अंदर केजरीवाल का गुड गवर्नेंस मॉडल आएगा. हरियाणा की जनता आम आदमी पार्टी को लाने के लिए बेकरार है. अगर आज की तारीख में प्रदेश में चुनाव हो जाए तो करीब 90 से 80 सीटें आम आदमी पार्टी के खाते में आएंगी.

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क्या कहते हैं पिछले आंकड़े?

हरियाणा 2019 विधानसभा चुनाव में बीजेपी 40 सीट हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी. लेकिन सरकार बनाने के लिए उन्हें जननायक जनता पार्टी (JJP) के साथ गठबंधन करना पड़ा. वहीं अगले विधानसभा चुनाव से 2 साल पहले ही आम आदमी पार्टी ने हरियाणा में नए सिरे से संगठन को मजबूत करने की शुरुआत कर दी है. जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि भाजपा के लिए आगे की राह पहले जितनी आसान नहीं होगी.

Haryana E Khabar में पिछले 1 साल से कार्यरत हूँ. यहाँ पर मैं एंटरटेनमेंट, पॉलिटिक्स, फाइनेंस और हेल्थ से जुड़े आर्टिकल्स को कवर करती हूँ. इससे पहले मैं इंडिया न्यूज में असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर कार्यरत थी.