चंडीगढ़ | हरियाणा में शुक्रवार की रात आसमान से आफत बरसी है. हिसार, जींद, नारनौल, रेवाड़ी सहित कई अन्य क्षेत्रों में ओलावृष्टि से गेहूं और सरसों की फसल में भयंकर नुकसान पहुंचा है. ओलावृष्टि से प्रभावित इन इलाकों के किसानों को सूबे की नायब सैनी सरकार (Nayab Singh Saini) ने बड़ी राहत प्रदान की है. प्रदेश सरकार ने किसानों को मुआवजा राशि देने का फैसला लिया है.
किसानों को मिलेगा मुआवजा राशि का लाभ
प्रदेश के कई इलाकों में तेज बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों पर सीएम नायब सैनी ने कहा कि इस संबंध में सभी जिला उपायुक्तों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत हुई है. सभी जिलों के डीसी को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले में उन इलाकों को चिह्नित करें जहां बारिश और ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद उस क्षेत्र का क्षतिपूर्ति पोर्टल तुरंत खोल दिया जाएगा और किसान उस पर अपने मुआवजे के लिए आवेदन कर सकेंगे.
किसान फसल खराब की जानकारी कर सकते हैं अपलोड
हरियाणा सरकार ने किसानों के हित में क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया है. पहले खराब फसल की गिरदावरी करने वाले पटवारी एवं अन्य कर्मचारियों पर नुकसान के आंकलन में भेदभाव के आरोप लगते रहते थे. किसानों की असल समस्या को समझते हुए वर्तमान सरकार ने ही क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाकर किसानों को यह सुविधा प्रदान की है, ताकि किसान ख़ुद अपनी ख़राब फ़सल की जानकारी अपलोड कर सकें.
अब किसान इस क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अपनी खराब फसल का ब्यौरा खुद दर्ज करा सकते हैं. इस पोर्टल के माध्यम से मुआवजा राशि “मेरी फसल- मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर उपलब्ध करवाए गए किसान के सत्यापित बैंक खाते में सीधे जमा करवाई जाती है. किसानों के बैंक खाते में सीधे धनराशि जाने से बिचौलिए की भूमिका भी सरकार ने खत्म कर दी है. जिससे पूरा पैसा किसान को मिलने लगा है.
