चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक जरूरी खबर सामने आई है. सरसों और गेहूं की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने के लिए कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने ‘मेरी फसल- मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन का एक और मौका दिया है. जिन किसानों ने अभी तक अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है, वे किसान अपनी फसलों का फटाफट इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. बता दें कि सरसों की सरकारी खरीद 26 मार्च से शुरू हो चुकी है और गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रैल से शुरू हो रही है.
पोर्टल पर रजिस्टर्ड फसल पर ही मिलेगी MSP
विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार द्वारा उन्हीं फसलों को मंडियों में MSP पर खरीदा जाएगा, जिनका मेरी फसल- मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होगा. वहीं, सरकार ने इस बात को लेकर भी चिंता जाहिर की है कि किसान अपनी फसल का पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने में रुचि क्यों नहीं दिखा रहे हैं.
किसानों ने जमीन पट्टे पर दिया
कृषि एवं किसान कल्याण विभाग भी अपनी योजनाओं का लाभ उन्हीं किसानों को प्राथमिकता पर देता है, जिन्होंने अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है. वहीं, किसानों का कहना है कि फसल रजिस्ट्रेशन करवाने में इसलिए कमी आ रही है कि बहुत से किसानों ने अपनी जमीन को फसल बोआई के लिए पट्टे पर दिया हुआ है.
मंडियों में आने पर नहीं होगा रजिस्ट्रेशन
वहीं, कुछ किसानों ने बताया है कि पट्टेदार फसल रजिस्ट्रेशन कराएगा तो गिरदावरी में उनका नाम आ जाएगा और बाद में भूमि के मालिकाना हक को लेकर पट्टेदार अदालत में जा सकते हैं. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. बाबूलाल ने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए मेरी फसल- मेरा ब्यौरा पोर्टल को इस सत्र के लिए आखिरी बार खोला गया है. पटवारियों ने गिरदावरी कर ली और उन्होंने फसल रजिस्ट्रेशन का सत्यापन भी कर लिया है. फसल मंडी में आनी शुरू हो जाएगी तो फिर किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन कराना मुश्किल हो जाएगा.
गिरदावरी का काम पूरा
जिला राजस्व अधिकारी बिजेंद्र राणा ने बताया कि फसलों की गिरदावरी का काम पूरा हो चुका हैं और इसे ऑनलाइन अपलोड कर दिया गया है. अब कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी व मार्केट कमेटी के कर्मचारी पोर्टल पर किसानों द्वारा की गई फसल रजिस्ट्रेशन का मिलान कर रहे हैं.
