चंडीगढ़ | हरियाणा में आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए एक अच्छी खबर है. शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में महिला एवं बाल विकास की घोषणाओं को लेकर एक बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक में उन्होंने बताया कि पिछले बजट के दौरान संबंधित विभाग को लेकर जो घोषणाएं की गई थी, उन्हें लगभग पूरा कर लिया गया है. इस बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी भी मौजूद रही.
हरियाणा में आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए खुशखबरी
सीएम नायब सैनी ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की आयोजित बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए अहम निर्णय लिया गया है. इसके तहत, 10 वर्ष की सेवा का अनुभव और सुपरवाईजर पद की पात्रता पूरी करने वाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत किया जाएगा. उन्होंने बताया कि अब सुपरवाइजर 50% आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं में से तथा शेष 50% सीधी भर्ती से नियुक्त किए जाएगें.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुपोषित बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए अतिरिक्त धनराशि देने की घोषणा की गई जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है. ऐसे बच्चों को उबले हुए काले चने और चूरमा के अलावा किन्नू देने का प्रावधान किया गया है.
उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए एस्पीरेशनल जिला नूंह में चलाई जा रही रेसीपी को प्रदेश भर की आंगनवाड़ी केंद्रों में लागू किया जाए ताकि पूरे प्रदेश के बच्चों को कुपोषण से मुक्त किया जा सके.
कामकाजी महिलाओं को हॉस्टल की सौगात
उन्होंने बताया कि कि 2 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनवाडी केंद्रों में बदलने की घोषणा के अनुसार 2807 आंगनवाडी केंद्रों को अपग्रेड करने पर तेजी से कार्य चल रहा है. इसी प्रकार लगभग 81 करोड़ रुपए की लागत से 2 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों को प्ले- वे स्कूल में अपग्रेड किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं सुलभ हो सके.
सीएम ने बताया कि सरकार की योजनानुसार राज्य के हर जिले में महिला कामकाजी हॉस्टल बनाए जाएगें ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित स्थल सुलभ हो सके. सोनीपत, रेवाड़ी, फरीदाबाद, गुरूग्राम व चरखी दादरी में लगभग 43 करोड़ रुपए की लागत से 6 महिला कामकाजी हॉस्टल बनाए जा रहे है.
