चंडीगढ़ | हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में रविवार को चंडीगढ़ में CM आवास पर बीजेपी किसान मोर्चा के पदाधिकारियों की एक बैठक आयोजित हुई. इस बैठक में CM ने बताया कि हरियाणा सरकार ने भावांतर भरपाई योजना के अंतर्गत बाजरा उत्पादक किसानों के खातों में 380 करोड़ रुपये जारी किए हैं. अब तक किसानों को बाजरा भावांतर के रूप में 1600 करोड़ से अधिक की राशि दी जा चुकी है.
प्राकृतिक खेती पर फोकस
सीएम नायब सैनी ने कहा कि सूबे के किसानों को प्राकृतिक खेती से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा विशेष प्रयास किए जा रहे हैं. इसके लिए 31,873 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक खेती करने के लिए 19, 723 किसानों का सत्यापन किया जा चुका है. इस योजना के अंतर्गत, 2500 किसानों को चार ड्रम प्रति किसान की दर से 75 लाख रुपये और 523 देसी गायों की खरीद के लिए 1.30 करोड़ रुपये की सब्सिडी राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की गई है.
उन्होंने बताया कि ‘हर खेत को पानी’ योजना के तहत मिकाडा द्वारा 1144 जल मार्गों की पहचान पुनर्वास के लिए की गई है, जिसमें 357 जलमार्गों का कार्य पूरा हो चुका है. चालू वित वर्ष में उपरोक्त कार्य के लिए 200 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रविधान किया गया है. साथ ही 20 साल से ज्यादा पुराने रजवाहों को दोबारा पक्का किया जाएगा.
किसानों को योजनाओं से कराए अवगत
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बीजेपी किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि वे किसानों के बीच जाएं और उन्हें राज्य सरकार द्वारा लिए किसान कल्याण के फैसलों की जानकारी दें. प्रदेश के किसानों को सूक्ष्म सिंचाई करने के लिए प्रेरित करें. इससे जहां पानी की बचत होगी और किसान की फसल लागत में भी कमी आएगी.
मुख्यमंत्री श्री @NayabSainiBJP ने आज किसान मोर्चा के पदाधिकारियों को सम्बोधित करते हुए भावान्तर भरपाई योजना के तहत ₹380 करोड़ बाजरा उत्पादक किसानों के लिए जारी किए!
“किसान हित सरकार की प्राथमिकता है। #MSP पर खरीद, भुगतान की सीधी व्यवस्था से किसानों को समर्थन दिया जा रहा है।” pic.twitter.com/T5lVplOSpj
— DPR Haryana (@DiprHaryana) December 14, 2025
किसान हित में किए गए बड़े काम
CM ने बताया कि पिछले 11 सालों में किसानों को फसल खराबे के मुआवजे के रूप में 15, 728 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं. खरीफ सीजन-2025 की फसलों को प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान के लिए 53 हजार 821 किसानों को 116 करोड़ 51 लाख रुपये की राशि मुआवजे के रूप में जारी की गईं हैं. सरकार ने अंग्रेजों के जमाने से चले आ रहे आबियाने को जड़ से खत्म कर दिया है.
किसानों की तरफ पिछले आबियाने का 133 करोड़ 55 लाख 48 हजार रुपये बकाया माफ किया गया है. सरकार ने गन्ने का भाव बढ़ाकर 415 रुपये प्रति क्विंटल किया है, जो कि देश में सबसे ज्यादा है.
