चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) ने सरकारी कर्मचारियों के लिए एक नई मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी बनाई है. इसका उद्देश्य एक ही काडर के कर्मचारियों का पारदर्शी तरीके से ट्रांसफर करना है, ताकि कर्मचारियों के बीच संतुष्टि का स्तर बढ़ाया जा सके. यह नई नीति उन कर्मचारियों पर लागू होगी जो किसी विभाग में नियमित रूप से कार्यरत हैं, बशर्ते उस विभाग में किसी पद की कुल संख्या 50 या उससे अधिक हो. इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है.
इन्हें नहीं मिलेगा लाभ
यह नीति अखिल भारतीय सेवाओं जैसे IAS, IPS, हरियाणा सिविल सेवा, इनसे जुड़ी एलाइड सर्विसेज या उन काडर पर लागू नहीं होगी, जिन्हें मानव संसाधन विभाग ने पहले से इस नीति से बाहर रखा हो. विशेष परिस्थितियों में सरकार की मंजूरी के बाद यह नीति उन स्थानों पर भी लागू की जा सकती है, जहां पदों की संख्या 50 से कम हो.
अधिसूचना जारी होने के बाद सभी विभागों को 15 दिन के भीतर हर काडर का तय कार्यकाल, न्यूनतम कार्यकाल और इकाई से संबंधित जानकारी उपलब्ध करानी होगी. तबादला पाने के लिए कर्मचारियों की 80 अंकों की मेरिट लिस्ट निर्धारित की जाएगी. यह अंक विभिन्न आधार पर दिए जाएंगे.
उम्र: इसे सबसे बड़ा फैक्टर माना गया है. इसके 60 अंक तक निर्धारित किए गए हैं सबसे अधिक 60 अंक तक दिए जा सकते हैं. उम्र को दिनों में गिनकर, फिर उसे 365 से भाग देकर देकर अंक तय किए जाएंगे.
विशेष परिस्थितियां: किन्हीं विशेष परिस्थितियों में 10 अंक तक दिए जा सकते हैं. इनका बटवारा इस तरह होगा –
- 40 वर्ष से अधिक की अविवाहित, विधवा या तलाकशुदा महिला को मैक्सिमम 10 अंक तक दिए जा सकते हैं.
- ऐसे विदुर या तलाकशुदा पुरुष जिन्होंने दोबारा शादी नहीं की है और जिनके बच्चे नाबालिग या अविवाहित बेटियां हैं, तो उन्हें 10 अंक दिए जाएंगे.
- यदि पति- पत्नी में से कोई एक राज्य या केंद्र सरकार में काम करता है तो दूसरे को 5 अंक दिए जाएंगे.
- यदि किसी कर्मचारी का जीवनसाथी सेना या अर्धसैनिक बल में है, तो उसे 10 अंक दिए जाएंगे.
- कर्मचारी का साथी, बेटा या बेटी गंभीर बीमारी से पीड़ित होने पर उसे 10 अंक दिए जाएंगे.
- कर्मचारियों के बच्चे यदि 100% दिव्यांग या मानसिक रूप से कमजोर हैं, तो उन्हें भी 10 अंक दिए जाएंगे.
- 40% से ज्यादा दिव्यांग होने पर कर्मचारियों को 20 अंक तक दिए जा सकते हैं.
