किसानों के लिए हाई- टेक सर्वे करेगी हरियाणा सरकार, एक ही प्लेटफॉर्म पर मिलेगा सारा रिकॉर्ड

चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक नई अपडेट सामने आई है. बता दें कि सूबे की नायब सैनी सरकार किसान केंद्रित डिजिटल पहल के तहत 1 जनवरी 2026 से किसान रजिस्ट्री (एग्रोस्टैक) व 1 फरवरी 2026 से डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) शुरू करने जा रही है. यह कदम प्रदेश के किसानों और उनकी फसलों का एकीकृत, सटीक और पारदर्शी डाटा का आधार तैयार करने के लिए उठाया जा रहा है. इस अभियान को देश के सबसे बड़े डिजिटल कृषि अभियानों में जगह दी जाएगी.

CM Nayab Singh Saini Kisan

समय पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

सर्वे ऑफ इंडिया को शेष गांवों की ज्योमेट्री मैपिंग 16 दिसंबर तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि किसान रजिस्ट्री सीधे PM किसान योजना से जुड़ी होगी इसलिए सभी किसानों का समय पर रजिस्ट्रेशन सुनिश्चित करना जरूरी है. उन्होंने बताया कि इसके लिए एक राज्य परियोजना प्रबंधन इकाई (SPMU) का गठन किया जाएगा और फील्ड स्टाफ जैसे पटवारी और कृषि पर्यवेक्षक किसानों की मदद के लिए समर्पित हेल्प डेस्क स्थापित करेंगे.

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किसानों के लिए फायदेमंद

इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए डॉ सुमिता मिश्रा ने कहा कि विभाग लगभग 1.78 करोड़ भूमि खंडों पर कार्य करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि किसान रजिस्ट्री पोर्टल 17 दिसंबर तक पूरी तरह से कार्यात्मक होना चाहिए. इसमें भूमि सत्यापन, कार्य की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा उपायुक्त द्वारा की जायेगी जबकि भूमि अभिलेख निदेशक और कृषि निदेशक द्वैमासिक समीक्षा करेंगे.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.