चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से अंततः पुलिस सब इंस्पेक्टर भर्ती पद के लिए रिवाइज्ड रिजल्ट जारी कर दिया गया है. संशोधित परिणाम में 13 उम्मीदवारों का नाम मेन सिलेक्शन लिस्ट में आया है जबकि दो उम्मीदवारों का चयन वेटिंग लिस्ट में हुआ है. अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने जब आयोग के सचिव चिन्मय गर्ग और अन्य प्रतिवादियों पर एकलाख रुपये की लागत उनके वेतन से बराबर काटने का आदेश जारी किया तब आयोग ने यह रिजल्ट संशोधित किया.

हाईकोर्ट पहुंचे अभ्यर्थी
हाईकोर्ट द्वारा 08.05.2025 को फैसला सुनाया था कि सब इंस्पेक्टर भर्ती पदों का रिजल्ट संशोधित किया जाए. आयोग द्वारा लिखित परीक्षा में सवाल पूछा गया था कि राज्य का मुखिया कौन होता है. जिन उम्मीदवारों ने राज्यपाल लिखा था, आयोग ने उनका उत्तर गलत माना था. उन्होंने आंसर- की पर आपत्ति भी व्यक्त थी लेकिन आयोग ने आपत्ति खारिज कर दी. इसके बाद, कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया व याचिकाएं दायर की थीं.
रिजल्ट संशोधित करने का आदेश
इन याचिकाओं में राज्य के मुखिया के साथ- साथ कई अन्य सवालों के उत्तर को गलत बताया गया था. हालांकि, हाईकोर्ट ने केवल राज्य के मुखिया के सवाल पर ही विचार किया. बता दें कि हाईकोर्ट ने फैसले में बताया था कि राज्य का मुखिया राज्यपाल होता है. ऐसे में अन्य सवालों पर हाईकोर्ट द्वारा विचार नहीं किया जा रहा है इसलिए आयोग को निर्देश दिया जाता है कि राज्य का मुखिया राज्यपाल होता है. इस उत्तर को सही मानते हुए परिणाम संशोधित किया जाए. इसके बावजूद, HSSC ने परिणाम संशोधित नहीं किया.
आयोग लगातार मांगता रहा समय
जब हाईकोर्ट का निर्णय लागू नहीं हुआ तो प्रभावित उम्मीदवार मुकुल पूनिया ने अवमानना याचिका दायर की. अवमानना याचिका पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग निर्णय को लागू करने के लिए बार- बार वक्त मांगता रहा मगर फैसला लागू नहीं किया गया. पिछली सुनवाई में अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद जब खंडपीठ ने प्रतिवादीगण पर 1 लाख रुपये की कॉस्ट लगाते हुए वेतन से बराबर कटौती का आर्डर पारित किया तो आयोग ने 27 मार्च, 2026 को पुलिस महानिदेशक को सब इंस्पेक्टर पद का संशोधित परिणाम भेज दिया.