चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार (Nayab Saini Govt) ने 7 महीने बाद फिर से कलेक्टर दरों को संशोधित करने की कवायद शुरू कर दी है. राजस्व विभाग अपने तय फार्मूले के आधार पर कलेक्टर दरों का मसौदा तैयार कर रहा है. इसी महीने के आखिर में कलेक्टर दरों का मसौदा उपायुक्तों को भेजकर स्थानीय लोगों से दावे व आपत्ति मांगे जा सकते हैं.
संशोधन के बाद कलेक्टर दरों में 10 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने के आसार हैं. पिछली बार राज्य में कलेक्टर दरों में संशोधन दिसंबर, 2024 में करीब डेढ़ साल बाद हुआ था. उसके बाद एक अप्रैल 2025 से कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी थी.
जल्द तैयार होगा ड्राफ्ट
कुछ जिलों ने 10 से 25% की वृद्धि की सिफारिश करते हुए प्रस्ताव तैयार कर दिए गए थे. मगर ऐन वक्त पर सरकार ने कलेक्टर दरें बढ़ाने के प्रस्ताव को ठंडे बस्ते पर डाल दिया था और पुरानी दरों के आधार पर ही रजिस्ट्री करने के निर्देश जारी किए थे. उस दौरान कलेक्टर दरों में संशोधन को स्थगित करने का निर्णय इसलिए लेना पड़ा क्योंकि चार महीने पहले ही दरों में बढ़ोतरी की गई थी.
प्रदेश सरकार में एक उच्चाधिकारी ने पुष्टि करते हुए कहा कि कलेक्टर दरों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. 15 से 20 दिन में कलेक्टर दरों का ड्राफ्ट तैयार कर उपायुक्तों को भेजा जाएगा. फिर तहसील स्तर की कमेटी प्रस्तावित कलेक्टर दर तय कर जिला प्रशासन की वेबसाइट पर अपलोड करेगी और लोगों से सुझाव व आपत्तियां मांगी जाएगी. बड़ी आपत्तियां मिलने पर संशोधन पर विचार किया जाएगा, अन्यथा तय की गई दरों को लागू कर दिया जाएगा.
राजस्व का लक्ष्य
हरियाणा सरकार ने 2025- 26 के बजट में राजस्व का लक्ष्य 16,555 करोड़ का रखा हैं, जबकि पिछले साल यह लक्ष्य करीब 15000 करोड़ था. इस बार के बजट में कई नई योजनाएं हैं, जिन पर सरकार का काफी खर्चा होना है. ऐसे में खजाने को भरने के लिए सरकार आय के स्रोतों को बढ़ाने पर काम कर रही है.
