चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से 17 अक्टूबर 2024 को विभिन्न पदों के लिए उम्मीदवारों की सिलेक्शन लिस्ट जारी की थी. हजारों उम्मीदवार हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के विज्ञापित ग्रुप सी पदों की वेटिंग लिस्ट जारी होने का इंतजार कर रहे हैं. ग्रुप सी के करीबन 25 हजार पदों के लिए मुख्य चयन सूची पिछले साल 17 अक्तूबर को जारी हुई थी, लेकिन वेटिंग लिस्ट अभी तक जारी नहीं हुई है. परेशान अभ्यर्थियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया था.
पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट में होगी सुनवाई
हाईकोर्ट ने अभ्यर्थियों के प्रतिवेदन पर फैसला लेने का निर्देश देते हुए याचिकाओं का निपटारा कर दिया पर वेटिंग लिस्ट जारी नहीं हुई तो अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिकाएं दायर कर दी. अब प्रतिवादी हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग ने सैद्धांतिक निर्णय लेने का हवाला देते हुए वक़्त देने की मांग कर रखी है. इस मामले पर हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई 14.01.2026 के लिए निर्धारित की हुई है. इस आर्डर के बाद वेटिंग लिस्ट पर फैसला करने के लिए मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के साथ मीटिंग भी की है, पर अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है.
6 हजार पदों में से 5143 पर हुई ज्वाइनिंग
जो उम्मीदवार पुलिस भर्ती की वेटिंग लिस्ट का इंतजार कर रहे हैं उनकी तरफ से दावा किया गया है कि कुल 6 हजार पदों में से 5143 की ज्वाइनिंग हुई थी. इनमें से 5061 ही पासिंग आउट परेड में शामिल हुए. ऐसे में इतने पद तो खाली ही है. यदि वेटिंग लिस्ट जारी होती तो उन्हें नियुक्ति मिल जाती. समान अंक होने के बावजूद एक अभ्यर्थी नौकरी कर रहा है तो दूसरा नौकरी मिलने की प्रतीक्षा में है. अभ्यर्थियों की तरफ से कहा जा रहा है कि जब हरियाणा सरकार के निर्देशों में स्पष्ट है कि मुख्य चयन सूची के साथ पदों की संख्या के अनुसार 10 फीसद की वेटिंग लिस्ट जारी की जानी आवश्यक है तो 17 अक्तूबर 2024 को मुख्य सूची जारी होने के साथ ही वेटिंग लिस्ट जारी की जानी चाहिए थी.
जब यह लिस्ट जारी नहीं हुई तो उन्होंने आयोग के पास प्रतिवेदन दिया. प्रीतवेदन का निपटारा नहीं किया तो उम्मीदवारों ने अदालत की शरण ली. अभ्यर्थियों की तरफ से कहा गया है कि हरियाणा सरकार ने 1988 और 1993 में निर्देश जारी किए हुए है कि वेटिंग लिस्ट बनानी होगी.
बनानी होगी वेटिंग लिस्ट
हरियाणा सरकार की तरफ से पहली बार 20 जनवरी 1988 को निर्देश जारी कर कहा कि वेटिंग लिस्ट बनानी होगी. इसके मुताबिक, बोर्ड (अब एचएसएससी) 25 तक की वेकन्सी के लिए 25 प्रतिशत, 25 से 50 के बीच की वेकन्सी के लिए 15 प्रतिशत और 50 से ज्यादा पदों के लिए 10 प्रतिशत वेटिंग लिस्ट तैयार करेगा जिसमे कम से कम दो कैंडिडेट्स होने चाहिए. यह भी निर्धारित किया गया है कि मेन लिस्ट और वेटिंग लिस्ट, रिकमेंडेशन (सिफारिश) की तारीख से 1 साल तक वैलिड रहेंगी. एक वर्ष के बाद यदि कोई उम्मीदवार बचता है वे उनकी लिस्ट खत्म कर दी जाएगी. यदि बोर्ड को कोई और डिमांड मिलती है तो आयोग द्वारा मामले को नए सिरे से प्रोसेस किया जाएगा और आगे सिफारिश दी जाएगी.
