50 लाख से शुरू हुआ चरखी दादरी के विशाल का स्टार्टअप, आज 1250 करोड़ रुपए पहुंची कंपनी की वैल्यू

चरखी दादरी | अपने जीवन में शिखर पर पहुंचने के लिए कभी-कभार हमें अपनी छोटी कामयाबी को दांव पर लगाना पड़ता है, तभी जाकर सफलता हासिल होती है. ऐसा ही एक प्रयास चरखी दादरी शहर के गांधी नगर निवासी विशाल ने किया जिन्होंने सुरक्षित नौकरी छोड़कर जोखिम उठाते हुए अपनी कोशिशों से दूसरों के लिए अवसर पैदा किए. 8 साल पहले नौकरी छोड़कर तीन दोस्तों के साथ शुरू किया गया उनका आज देश के लाजिस्टिक तंत्र की पहचान बन चुका है.

Vishan Charkhi Dadri

चरखी दादरी के विशाल का स्टार्टअप

साल 2017 में मात्र 50 लाख रुपए की वैल्यू से शुरू हुई फ्लीटएक्स कंपनी आज 1,250 करोड़ रुपए की वैल्यू तक पहुंच चुकी है. यह स्टार्टअप केवल तकनीक नहीं बल्कि रोजगार, पारदर्शिता और सेफ्टी का मॉडल बनकर उभरा है, जिससे 500 से ज्यादा लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार हासिल हुआ है. आज देश के कई बड़े महानगरों में कंपनी की शाखाओं का सुचारू रूप से संचालन हो रहा है और इसका विस्तार निरंतर जारी है.

चरखी दादरी निवासी विशाल ने यह स्टार्टअप अपने तीन दोस्तों गुरुग्राम निवासी प्रवीन कटारिया, अलवर निवासी विनीत शर्मा और मध्यप्रदेश निवासी अभयजीत गुप्ता के साथ मिलकर शुरू किया था. MBA उत्तीर्ण विशाल ने साल 2012 से 2017 तक एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी की. वहीं, प्रवीण ने फाइनेंस क्षेत्र में लॉ, विनीत ने IIT रूड़की और अभयजीत ने NIT दुर्गापुर से इंजिनियरिंग की पढ़ाई की है. यानि चारों दोस्त शिक्षा और पेशे के लिहाज से अलग-अलग पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं लेकिन सभी का लक्ष्य एक ही था, तकनीक के माध्यम से लाजिस्टिक क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान करना.

बेहद कारगर तकनीक

फ्लीटएक्स का ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम लाजिस्टिक और ट्रेवल कंपनियों के लिए तैयार किया गया है. यह साफ्टवेयर वाहन की लाइव लोकेशन ट्रेस करता है और ईंधन की खपत पर नजर रखने के साथ ही ड्राइवर की गतिविधियों की निगरानी करता है. गाड़ियों में लगे कैमरों की मदद से आगे-पीछे की लाइव रिकार्डिंग देख सकते हैं. ड्राइवर को नींद की झपकी आने, सीट बेल्ट ना लगाने या ईंधन और सामान की चोरी होने की स्थिति में सिस्टम तुरंत अलर्ट करता है.

आज फ्लीटएक्स का साफ्टवेयर देश की तीन हजार से ज्यादा लाजिस्टिक और ट्रेवल कंपनियों के करीब 4 लाख वाहनों में इस्तेमाल हो रहा है. वहीं, उनकी कंपनी के माध्यम से सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार हासिल हुआ है जबकि हजारों लोग अप्रत्यक्ष रूप से कंपनी से जुड़े हुए हैं. चारों दोस्तों की मेहनत और भविष्य की सोच ने आज कंपनी को सफलता के एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.