गुरुग्राम में लैंड पूलिंग योजना के तहत 11 नए सेक्टर होंगे विकसित, इन शहरों में होंगे कार्य

गुरुग्राम | हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा लैंड पूलिंग योजना के तहत, 11 नए सेक्टरों की विकास योजना ने आकार लेना शुरू कर दिया है. नए सेक्टरों के विकास के लिए गुरुग्राम, पटौदी, सोहना और फर्रुखनगर के लिए योजना बनाई गई है. गुरुग्राम में सेक्टर- 36ए, 37, सेक्टर- 68, 69, 70 के साथ फर्रुखनगर में सेक्टर- 3, पटौदी में सेक्टर- 2, 3, 4 और सोहना में सेक्टर- 32, 33 विकसित किए जाने हैं.

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वन के अधिकार क्षेत्र में होना जरूरी

इन सेक्टरों को शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा विकसित किया जाएगा जो एस्टेट ऑफिस वन के अधिकार क्षेत्र में आता है. इस संबंध में शुरुआत में मानक संचालन प्रक्रिया के तहत, फील्ड एसटीपी और डीटीपी से जानकारी मांगी गई थी. इसमें सबसे पहले सेक्टोरल कम सजरा प्लान, जिसमें पूरे एरिया का विवरण होगा और फाइनल डेवलपमेंट प्लान के तहत संबंधित सेक्टर का लेआउट प्लान, सेक्टर की सीमा, सभी लाइसेंस प्राप्त भूमि, बिक्री योग्य क्षेत्र के अलावा पहले से मौजूद सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी.

इन गांवों को अस्पताल, विश्वविद्यालय और अन्य सुविधाएं पसंद हैं. सुविधाओं के बदले ईडीसी (एक्सटर्नल डेवलपमेंट चार्ज) का विवरण दिया गया है. अब टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इन सेक्टरों का सेक्टोरल प्लान तैयार कर HSVP को भेज दिया है. इन सेक्टरों का अधिग्रहण गुरुग्राम, पटौदी और फर्रुखनगर ब्लॉक में किया जाएगा.

जमीन मालिकों से मांगी थी सहमति

इसके लिए एचएसवीपी ने ई- लैंड या लैंड पूलिंग स्कीम के तहत, जमीन मालिकों से सहमति मांगी थी. अब सेक्टोरल प्लान भेजने के बाद प्रक्रिया में तेजी आएगी. हालांकि, मांगी गई सभी जानकारियों को लेकर भू- अर्जन पदाधिकारी की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. इसके आते ही 11 सेक्टरों का विकास कार्य शुरू हो जाएगा.

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अधिग्रहित क्षेत्र की मांगी जानकारी

इसके अलावा सेक्टर की चारदीवारी के अंदर खसरा नंबर सहित राजस्व की जानकारी, स्वामित्व की सत्यापन रिपोर्ट, तालाब, नालियां, सड़कें, श्मशान घाट, कब्रिस्तान, चारागाह, प्रकृति संरक्षण क्षेत्र, वन क्षेत्र, वन्य जीव अभ्यारण्य के अलावा पीएलपीए भूमि की भी जानकारी दी गई है. राजस्व विवरण के साथ- साथ एचएसवीपी द्वारा अधिग्रहित क्षेत्र की जानकारी भी शामिल है.

ये है लैंड पूलिंग योजना

लैंड पूलिंग योजना के तहत, एक ही आवासीय सेक्टर विकसित होने पर भूमि स्वामी को उसकी भूमि के बदले नियमानुसार एक आवासीय भूखंड और एक व्यावसायिक भूखंड दिया जाता है. इसके कुछ फायदे भी हैं, जिसके कारण जमीन मालिक इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं.

लैंड पूलिंग स्कीम के तहत चारों ब्लॉक में कुल 11 सेक्टरों के विकास की योजना बनाई गई है. अभी जमीन अधिग्रहण की रिपोर्ट लंबित है, उसके आते ही विकास कार्य शुरू कर दिया जाएगा- विकास ढांडा, संपदा अधिकारी वन

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Pravesh Chauhan
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मेरा नाम प्रवेश चौहान है. मीडिया लाइन में पिछले 4 वर्ष से काम कर रहा हूँ. मैंने पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की है.