गुरुग्राम | नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) की ओर से द्वारका एक्सप्रेसवे के गुरुग्राम हिस्से पर सफर को सुरक्षित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. इस एक्सप्रेसवे के दोनों ओर करीब 5 फीट ऊंची रैलिंग लगाई जा रही हैं, ताकि अवैध कटों को बंद किया जा सकें. इससे आवारा पशुओं को सड़क पर आने से रोकने में मदद मिलेगी. साथ ही, दिल्ली- NCR क्षेत्र में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं.
सड़क हादसों पर लगेगा अंकुश
29 किलोमीटर लंबे द्वारका एक्सप्रेसवे का 18 किलोमीटर लंबा हिस्सा गुरुग्राम में पड़ता है. दिल्ली- जयपुर हाइवे से दिल्ली जाने वाले वाहन चालक तो द्वारका एक्सप्रेसवे के ऊपर से सीधा निकल जाते हैं, लेकिन सेक्टर- 81 से 115 तक विकसित सेक्टर, कॉलोनियों और गांवों के निवासी आवाजाही के लिए इस एक्सप्रेसवे के नीचे निर्मित सड़क का इस्तेमाल करते हैं.
आसपास के गांवों के लोग अपने पशुओं का दूध निकालने के बाद इन्हें छोड़ देते हैं और ये पशु चरते हुए द्वारका एक्सप्रेसवे के ग्रीन एरिया में आ जाते है. ऐसे में सड़क हादसे होने की संभावना बनी रहती है लेकिन अब रैलिंग होने पर इस समस्या से छुटकारा मिल सकेगा.
50 करोड़ रुपए की योजना
NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि गुरुग्राम हिस्से में द्वारका एक्सप्रेसवे के दोनों ओर रैलिंग लगाने के लिए 50 करोड़ रुपए का टेंडर आवंटित किया गया है. इससे आवारा पशुओं के इस एक्सप्रेसवे पर आने पर रोक लगेगी जिससे सड़क हादसे होने की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी. एक्सप्रेसवे के आसपास रहने वाले स्थानीय लोगों ने इस योजना का विरोध जताते हुए कहा कि जब तक सर्विस रोड नहीं बन जाती, तब तक द्वारका एक्सप्रेसवे के एंट्री और एग्जिट द्वार को बंद नहीं किया जाए.
