गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से गुरुग्राम के बीच सफर करने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां सरहौल बार्डर पर एमसीडी टोल हटाने की तैयारियां शुरू हो गई है. इस संबंध में दिल्ली सरकार पहले ही सहमति जता चुकी है. बीते दिनों केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई बैठक में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और राज्यपाल ने दिल्ली में एंट्री पर लगे एमसीडी का टोल बूथ हटाने पर सहमति जताई थी. इस टोल पर कमर्शियल वाहनों से एंट्री फीस ली जाती है.

ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत
गुरुग्राम- दिल्ली आवाजाही करने के लिए सरहौल बार्डर पर स्थित एमसीडी टोल प्लाजा 24 लेन का है. यहां प्रतिदिन दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, सोनीपत सहित अन्य शहरों से लाखों की संख्या में वाहनों की मूवमेंट रहती है. शाम को ट्रैफिक जाम से हालात इस कदर बदतर हो जाते हैं कि टोल से गुरुग्राम की ओर शंकर चौक तक करीब 2 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग जाती है. लोगों को यहां घंटों तक इंतजार करना पड़ता है.
सरहौल बार्डर से सटे उद्योग विहार से दिल्ली के राजोकरी की दूरी लगभग 5 किलोमीटर हैं. इस दूरी को भी शाम के समय तय करने में 1 घंटे से ज्यादा समय लगता है. ऐसे में एमसीडी टोल बूथ हटने के बाद बार्डर पर दिल्ली में एंट्री के लिए 8 लेन का स्पेस ज्यादा मिलेगा. दिल्ली में एक साथ सैकड़ों की संख्या में वाहन एंट्री कर सकेंगे, तो यहां लोगों को रेंगने वाले ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा. इससे गुरुग्राम- दिल्ली के बीच सफर करने वाले लोगों को बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी.
आधिकारिक आदेश का इंतजार
केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उप राज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली में सरहौल बार्डर से एंट्री प्वाइंट पर स्थित एमसीडी टोल बूथ हटाने का ऐलान किया था. NHAI के एक अधिकारी ने बताया कि इस बारे में अब आधिकारिक आदेश का इंतजार हो रहा है. यहां से टोल बूथ हटता है तो लोगों को बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी. इसे बहुत पहले ही हटा देना चाहिए था.