गुरुग्राम में IFFCO और शंकर चौक का बदलेगा हुलिया, आमजन को होगा ये फायदा

गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी से सटी साइबर सिटी के मध्य से गुजरने वाले दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे के सबसे बड़े जंक्शन इफको चौक और शंकर चौक की सूरत बदलने की तैयारियां शुरू हो गई है. राहगीरी फाउंडेशन की टेक्निकल टीम इन दोनों जगहों के रि- डिजाइन का खाका तैयार कर जिला रोड़ सेफ्टी कमेटी को सौंपेगी. इस डिजाइन को अप्रूवल मिलते ही पहले इफको चौक और उसके बाद शंकर चौक का हुलिया बदला जाएगा. इन दोनों जंक्शनों के नए डिज़ाइन में पैदल यात्रियों की सुविधा का खास ख्याल किया गया है.

Shankar Chowk Gurugram

इफको चौक और शंकर चौक

शंकर चौक की बात करें तो यहां पैदल यात्रियों के लिए न तो फुटओवर ब्रिज और न ही अंडरपास की सुविधा है. यहां से गुजरने वाले लोगों को जान हथेली पर रखकर सड़क को क्रॉस करना पड़ता है. दोनों चौराहों पर सड़क क्रॉस करते समय हादसे होने की खबर हर रोज सामने आती रहती है. एक औसत के अनुसार, हर साल इन चौराहों पर सड़क क्रॉस करते हुए 7-8 लोग सड़क हादसे में अपनी जान गंवाते हैं. बुधवार को उपायुक्त निशांत यादव ने जब दोनों जंक्शनों का निरीक्षण किया तो उन्हें बहुत सी खामियां नजर आई , जिन्हें अब दूर करने की कोशिशें शुरू हो गई है.

अभी हैं ये व्यवस्था

इफको चौक

  • यहां Subway तो है लेकिन पैदल यात्री फ्रेंडली नहीं है.
  • हर रोज 10 हजार के आसपास यात्री सीधे सड़क क्रॉस करते हैं.
  • जाम की स्थिति कम ही उत्पन्न होती है लेकिन पैदल यात्रियों की वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है.

री- डिजाइन के बाद

  • मेट्रो के Entry और Exit से लोगों को सीधे पैदल रास्ते की सुविधा मिलेगी.
  • सभी 5 रास्तों की तरफ आवागमन सुविधाजनक हो जाएगा.
  • लंबी दूरी की बसों को खड़ा होने का रास्ता मिलेगा.
  • ऑटो और ई- रिक्शा के लिए अलग से स्टैंड बनेगा.
  • Subway में उचित वेंटिलेशन और लाइट की व्यवस्था होगी.
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शंकर चौक

  • यहां पर न Subway और न ही एफओबी की सुविधा है.
  • पैदल यात्रियों की वजह से वाहनों की रफ्तार धीमी होने से जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है.
  • करीब 20 हजार पैदल यात्री दिनभर में सड़क मार्ग क्रॉस करते हैं.

री- डिजाइन के बाद

  • वाहनों की रफ्तार धीमी नही होगी और जाम से मुक्ति मिलेगी.
  • सड़क हादसों में कमी आएगी.

रोड़ क्रॉस करना खतरनाक

उपायुक्त निशांत यादव ने कहा कि साइबर सिटी और उद्योग विहार में काम करने वाले लगभग 30 हजार लोग दोनों जंक्शनों से पैदल गुजरते हैं. ऐसे में शाम के समय गुरुग्राम ऑफिस से दिल्ली लौटने वाले वाहनों की संख्या इन दोनों चौकों पर बढ़ने से हादसे होने का खतरा बना रहता है. ऐसे में पैदल यात्रियों की क्रॉसिंग को सुरक्षित बनाने के लिए दोनों जंक्शनों को री- डिजाइन करने का फैसला लिया गया है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.