गुरुग्राम में रिश्वत लेते पकड़ा गया अधिकारी, कोर्ट ने 10 साल की सुनाई सजा

गुरुग्राम | हरियाणा राज्य के भीतर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपना रखा है. प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज स्वयं सरकारी दफ्तरों में जाकर जांच पड़ताल कर रहे हैं. इस बीच गुरुग्राम जिले में खाद्य आपूर्ति विभाग के उप-निरीक्षक के ऊपर रिश्वत लेने के आरोप में कोर्ट द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है.

PAISE RUPAY

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, हरियाणा के खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के एक उप-निरीक्षक द्वारा डिपो होल्डर को लाइसेंस जारी करने की एवज में 10 हजार रूपए रिश्वत लेने का दोषी पाए जाने पर कोर्ट ने सजा सुनाई है व जुर्माना लगाया है. बता दें कि ग्रामीण के शिकायत दर्ज करने के बाद राज्य चौकसी ब्यूरो ने खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग का उप निरीक्षक नितेश रोहिल्ला को डिपो होल्डर का लाइसेंस देने की एवज में 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया, जिसके बाद कोर्ट द्वारा कार्रवाई करते हुए जुर्माना और सजा सुनाई गई है.

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हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो के एक प्रवक्ता ने बताया कि गुरूग्राम जिले के गांव हेलीमंडी निवासी सोनू सिंह पुत्र बजरंग सिंह ने शिकायत दी थी कि खाद्य, नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग का उप-निरीक्षक नितेश रोहिल्ला उसको डिपो होल्डर का लाइसेंस देने की एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहा है. शिकायत मिलने पर राज्य चौकसी ब्यूरो ने नितेश को 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था.

50 हजार का जुर्माना और 10 साल की सजा

गुरूग्राम के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की कोर्ट ने नितेश को उक्त मामले में दोषी पाते हुए उसे धारा 7 पीसी एक्ट के तहत 4 वर्ष की कैद व 25 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 13 पी.सी एक्ट के तहत 6 वर्ष की सजा व 25 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है.

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