गुरुग्राम । कहते हैं इंसान लालच में अंधा हो जाता है और उसे अच्छे-बुरे की परख भी नहीं रहती. उसको यह भी समझ नहीं रहती कि लालच की वजह से उसे शर्मशार भी होना पड़ सकता है। कुछ ऐसा ही मामला हरियाणा के गुरुग्राम जिले से सामने आया है जहां मानेसर के HSIDC कार्यालय में एक सीनियर मैनेजर दलबीर भाटी को सफाई ठेकेदार से 10 हजार रुपए लेते विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों दबोच लिया.
सीनियर मैनेजर दलबीर भाटी को जरा से लालच की वजह से उस वक्त फजीहत का सामना करना पड़ गया जब HSIDC के प्रांगण में उसकी रिटायरमेंट की फेयरवेल पार्टी चल रही थी. विजिलेंस टीम ने इस मामले का खुलासा कर बता दिया कि कैसे उच्च पदों पर तैनात भ्रष्ट ऑफिसर ठेकेदारों से रिश्वत लेकर अपनी जेब गर्म करते हैं. बता दें कि महकमों में तैनात अधिकारियों के रिश्वत लेने का यह कोई पहला मामला सामने नहीं आया है, बल्कि इससे पहले भी विजिलेंस टीम कई शीर्ष अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ चुकी है लेकिन रिटायरमेंट के दिन रिश्वत लेता ऑफिसर शायद पहली बार विजिलेंस टीम के हत्थे चढ़ा है.
यें हैं मामला
सफाई ठेकेदार अजित सिंह ने विजिलेंस टीम को शिकायत दी कि वो HSIDC में सफाई ठेकेदार है और उसके कई बिल महकमे में पैंडिंग है. इन्हीं बिलों के भुगतान की एवज में HSIDC में तैनात सीनियर मैनेजर दलबीर भाटी 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग कर रहा है. विजिलेंस टीम ने इसके बाद पुरी प्लानिंग रचते हुए सीनियर मैनेजर दलबीर भाटी को रिश्वत लेते हुए उस वक्त रंगे हाथों पकड़ लिया जब उसकी रिटायरमेंट पार्टी चल रही थी.
