करनाल | हरियाणा की जेल में ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है, जहां से बड़े से बड़े अपराधी भी कलाकार बनकर निकल रहे हैं. यह कैदी जेलों में रहकर हुनर सीख रहे हैं और बाहर आकर अपना भविष्य बना रहे हैं. हाल ही में सूरजकुंड क्राफ्ट मेले में इसका सबूत देखने को मिला. यहां कैदियों द्वारा बनाए गए प्रोडक्ट से जेल विभाग को 2 करोड़ रुपए की आमदनी हुई है.
आटा मिल और कोल्हू की हुई स्थापना
यह जानकारी प्रदेश के जेल मंत्री डॉ. अरविन्द शर्मा ने करनाल में दी. उन्होंने कहा कि कैदियों के हुनर को निखारने के लिए गुरुग्राम, फरीदाबाद, झज्जर और रोहतक में आटा मिल की स्थापना की गई है. कोल्हू भी लगाए गए हैं, जहां कैदियों को अपने हुनर को निखारने का मौका मिल रहा है. प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने बुधवार दोपहर करनाल में नवनिर्मित जेल प्रशिक्षण अकादमी का उद्घाटन किया. 30.29 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह अकादमी करीब 7.5 एकड़ में फैली हुई है. उन्होंने जानकारी दी कि यहां एक साथ 134 प्रशिक्षणार्थी ट्रेनिंग ले सकेंगे.
1300 वार्डन की होगी भर्ती
यहां हर प्रकार की आधुनिक सुविधाएं दी जाएंगी. इस मौके पर मुख्यमंत्री द्वारा घोषणा की गई कि जेल विभाग में वार्डन के 1,300 पदों पर भर्ती की जाएगी. उन्होंने कहा कि जेल विभाग में मेडिकल और पैरामेडिकल स्टाफ के खाली पदों को भरा जाएगा. उन्होंने जानकारी दी कि 300 करोड़ की लागत से पंचकूला, दादरी और फतेहाबाद में नई जेलों का निर्माण किया जाएगा. इस दौरान जेल मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बताया कि जेल के इतिहास में ऐसा पहली बार है कि 3 साल 2 महीने में साढ़े 7 एकड़ जमीन पर 30 करोड़ की लागत से ट्रेनिंग अकादमी को तैयार किया गया है. यहां से कैदी अच्छे इंसान बनकर बाहर निकलेंगे.
