कुरुक्षेत्र | अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव (International Gita Mahotsav) इस बार कई मायनों से खास होने वाला है. इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड से लेकर प्रदेश सरकार व विदेश मंत्रालय ने कई पहल की है. महोत्सव को इस बार दिव्य गीता ज्योत मिलेगी, जो पूरे महोत्सव के दौरान जलेगी. इसे पवित्र ब्रह्मसरोवर तट पर स्थापित किया जाएगा. इस बार दुनिया के कौने- कौने तक महोत्सव की धूम मचेगी.
रोशनी से जगमगा उठा कुरुक्षेत्र शहर
इस महोत्सव में देश- विदेश के शिल्पकार व कलाकार पहुंचेंगे, जिनके स्वागत के लिए धर्मनगरी तैयार है. कलाकारों के लिए मंच सजाए जा चुके है और शिल्पकारों के लिए ब्रह्मसरोवर पर स्टॉल सजा दी गई है. पूरा ब्रह्मसरोवर व शहर रंग बिरंगी लाइटों से सजाया गया है. सड़कों से लेकर दीवारों तक बेहद सुंदर चित्रकारी से शहर जगमग हो उठा है. शाम ढलते ही चौक- चौराहे से लेकर ब्रह्मसरोवर व आसपास का पूरा क्षेत्र रोशनी से जगमगा उठा है.
सरस और शिल्प मेले का राज्यपाल असीम घोष 15 नवंबर को उद्घाटन करेंगे और फिर अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का आरंभ हो जाएगा. राज्यपाल सरस और शिल्प मेले के उद्धाटन के दौरान गीता पूजन भी करेंगे. दूर- दराज के शिल्पकार वीरवार देर रात ब्रह्मसरोवर तट पर पहुंचने शुरू हो गए है.
महाभारत थीम
महोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं को महाभारत थीम पर आधारित भव्य व सुंदर पेंटिंग अपनी तरफ आकर्षित करेंगी. इस महोत्सव के लिए पिपली जीटी रोड, केबीडी कार्यालय के सामने और शहर के विभिन्न मार्गों की खाली दीवारों पर महाभारत आधारित पेंटिंग का निर्माण किया गया है और आसपास के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण किया गया है. साफ- सफाई का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. जगह- जगह पर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है.
कल से यह रहेगा खास?
सरस एवं शिल्प मेले के उद्धघाटन के साथ ही 15 नवंबर से सन्निहित सरोवर पर सुबह के समय श्रीमद्भगवत गीता पाठ एवं यज्ञ, मेला क्षेत्र में मनोरंजन झूले, सायं 4:30 बजे भजन संध्या एवं आरती, सायं 6:15 बजे ज्योतिसर में महाभारत एवं गीता पर आधारित लाइट एंड साउंड शो और 7 बजे ज्योतिसर में ही थ्रीडी मैपिंग के माध्यम से विश्व स्वरूप पर लाइट शो चलेगा.
