नई दिल्ली | राजधानी दिल्ली स्थित ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) को जल्दी ही 3 नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिली है. यह 3 बसें एम्स को पावर ग्रिड कॉरपोरेशन द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के तहत दी गई हैं. अब एम्स के पास कुल चार इलेक्ट्रिक बसें हो चुकी हैं. इन बसों की सहायता से अस्पताल के मरीज और स्टाफ को आने- जाने में सुविधा मिल रही है.
कार्बन उत्सर्जन घटाने की पहल
इस विषय में जानकारी देते हुए एम्स के निदेशक डॉक्टर एम श्रीनिवास ने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा हमेशा से ही कार्बन डाइऑक्साइड व प्रदूषण के स्तर को कम करने की कोशिश की गई है. इसी कड़ी में एम्स में इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत की गई है. यह बसें एम्स कैंपस में इको फ्रेंडली ट्रांसपोर्ट सेवाएं प्रदान करेंगी. इस विषय में एम्स ने जानकारी दी कि अस्पताल में मरीज, परिजनों और कर्मचारियों की सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक शटल बसों की शुरुआत की जा रही है.
विभिन्न केंद्रों पर चलेंगी बसें
पहले भी यहां एक इलेक्ट्रिक बस मौजूद थी जो एम्स के ट्रॉमा सेंटर से अलग-अलग विभागों और कैंपस के बाहर चलती थी. अब पावर ग्रिड की तरफ से तीन बसें दी गई हैं जिन्हें भी इसी सेवा में लगा दिया जाएगा. इन इलेक्ट्रिक बसों को एम्स के विभिन्न सहयोगी केंद्रों जैसे एनसीआई झज्जर या सैटेलाइट सेंटरों जैसे बल्लभगढ़ और गाजियाबाद के लिए इस्तेमाल किया जाएगा.
मेट्रो स्टेशनों तक फीडर बस सेवा को लेकर भी प्रस्ताव काफी समय पहले सौंपा जा चुका है. ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि बसों को एम्स परिसर से मेट्रो स्टेशन तक फीडर बस के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि इस पर फैसला अभी होना बाकी है.
