नई दिल्ली | खुद के घर का सपना देख रहे आमजन के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. आपके इस सपने को पूरा करने में अब केंद्र की मोदी सरकार भी मदद कर रही है. बता दें कि साल 2015 में शुरू हुई प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना (PMAY- U) के दूसरे चरण की शुरुआत हो चुकी है. इस योजना को शहरी क्षेत्रों में किफायती लागत पर मकान निर्माण, खरीदने या किराए पर लेने के लिए शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए डिजाइन किया गया है.
कैटेगरी में परिभाषित
इस योजना को 4 कैटेगरी में क्रियान्वित किया गया है जिसमें लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC), भागीदारी में किफायती आवास (AHP), किफायती किराए का आवास (ARH) और ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) शामिल हैं.
लाभार्थी राज्य/ संघ राज्य क्षेत्रों/ यूएलबी/ पीएलआई की सहायता से या PMAY- U 2.0 के एकीकृत वेब पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन जमा करके योजना के 4 कैटेगरी में से किसी एक का चयन कर सकते हैं. हम आपको इन कैटेगरी में से एक- ब्याज सब्सिडी योजना के बारे में बता रहे हैं.
ब्याज सब्सिडी योजना
इसके तहत, EWS/ LIG और MIG परिवारों के लिए 25 लाख रुपये तक के होम लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी का लाभ मिलता है. यह सब्सिडी 5 वार्षिक किस्तों में प्रदान की जाएगी, जिसमें अधिकतम सब्सिडी 1.80 लाख रुपये होती है.
किस तरह के होंगे मकान
PMAY- U 2.0 के अंतर्गत, एक नए पक्के घर में कम से कम 2 कमरे, रसोईघर और एक शौचालय/ स्नानघर होगा. इस तरह के पक्के घर में अनिवार्य रूप से बुनियादी सुविधाएं जैसे बिजली और पानी का कनेक्शन होगा.
इनकम के आधार पर कैटेगरी
इस योजना के अन्तर्गत, EWS कैटेगरी को 3 लाख रुपए सालाना आमदनी वाले परिवारों के रूप में परिभाषित किया गया है. वहीं, LIG कैटेगरी में 3- 6 लाख रुपए सालाना आमदनी और MIG कैटेगरी में 6- 9 लाख रुपए सालाना आमदनी वाले परिवारों को परिभाषित किया गया है.
