नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की लाइफलाइन मानी जाने वाली मेट्रो (Delhi Mtero) से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां दक्षिणी दिल्ली में साकेत जी- ब्लाक से लाजपत नगर तक 8.38 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
3 साल में पूरा करने का लक्ष्य
गोल्डन लाइन पर साकेत जी- ब्लॉक मेट्रो स्टेशन पर इसका बेस पहले ही तैयार कर लिया गया था. यहीं से लाजपत नगर तक एलिवेटेड लाइन का काम अगले 3 साल में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर बड़ी आबादी को मेट्रो सेवा का लाभ मिलेगा.
यह पहली तरह का खास कॉरिडोर होगा, जो एक साथ 4 मेट्रो लाइन के लिए इंटरचेंज की सुविधा देगा और लाजपत नगर, चिराग दिल्ली व साकेत G ब्लॉक को जोड़ने का काम करेगा. लाजपत नगर- साकेत जी ब्लॉक मेट्रो कॉरिडोर पूरी तरह एलिवेटेड होगा. इसमें लाजपत नगर, एंड्रयूज गंज, ग्रेटर कैलाश- 1, चिराग दिल्ली, पुष्पा भवन, साकेत जिला अदालत, पुष्प विहार मेट्रो स्टेशन और 7.298 किलोमीटर एलिवेटेड वायाडक्ट 456.06 करोड़ की लागत से बनाए जाएंगे.
एक साथ 5 कॉरिडोर के लिए इंटरचेंज
मौजूदा समय में लाजपत नगर वायलेट व पिंक लाइन के साथ इंटरचेंज स्टेशन है. वहीं, इस नए कॉरिडोर के साथ लाजपत नगर एक साथ तीन कॉरिडोर के लिए इंटरचेंज स्टेशन हो जाएगा. साकेत G ब्लॉक गोल्डन लाइन, तो चिराग दिल्ली पर मजेंटा लाइन के लिए इंटरचेंज होगा. यानि इस नए कॉरिडोर के तैयार होने पर लोगों को एक साथ 5 कॉरिडोर पर इंटरचेंज की सुविधा मिलेगी.
