नई दिल्ली | केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है. बता दें कि केंद्रीय कर्मचारियों (Central Govt Employees) के एक खास वर्ग को अब साल में 2 बार वर्दी भत्ता मिलेगा. अब तक यह लाभ साल में एक बार ही मिलता था. कर्मचारियों की वर्दी या किसी अन्य विशिष्ट पोशाक की खरीद और रखरखाव की लागत को पूरा करने के लिए कुछ मौद्रिक लाभ दिए जाते हैं.
कितना मिलता है वर्दी भत्ता
यह पिछले 7 सालों से केन्द्रीय कर्मचारियों के लिए विवाद का विषय बना रहा है. दरअसल, साल 2017 की अधिसूचना में बताया गया था कि वर्दी भत्ता साल में केवल एक बार यानि जुलाई में ही दिया जाएगा. वित्त मंत्रालय द्वारा अगस्त, 2017 को जारी सर्कुलर के अनुसार इस भत्ते में ड्रेस अलाउंस के अलावा किट मेंटेनेंस अलाउंस, शूज अलाउंस आदि भी शामिल हैं. इसके बाद सरकार से भत्ते में 2 बार बढ़ोतरी की मांग उठाई जा रही थी.
सातवें वेतन आयोग के तहत सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग राशि निर्धारित की थी. सेना, भारतीय वायु सेना, नौसेना, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और तटरक्षक बल के अधिकारी 20 हजार रूपए प्रति वर्ष के वर्दी भत्ता के पात्र हैं.
अब साल में 2 बार मिलेगा वर्दी भत्ता
सैन्य नर्सिंग सेवा (एमएनएस) अधिकारी, दिल्ली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, दमन और दीव और दादरा और नगर हवेली पुलिस सेवा के पुलिस अधिकारी, एसीपी, सीमा शुल्क, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और नारकोटिक्स विभाग के कार्यकारी कर्मचारी, भारतीय कॉर्पोरेट लॉ सेवा (आईसीएलएस) अधिकारी आव्रजन विभाग के कर्मचारियों को 10 हजार रूपए वार्षिक वर्दी भत्ता मिलता है.
वहीं, रक्षा सेवाओं/सीएपीएफ/रेलवे सुरक्षा बल/केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस बलों और भारतीय तटरक्षक बल में अधिकारी रैंक से नीचे के सभी कर्मी और भारतीय रेलवे के स्टेशन मास्टर भी 10 हजार रूपए प्रति वर्ष वर्दी भत्ता के हकदार हैं.
