नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के सबसे ज्यादा जलभराव वाले क्षेत्र किराड़ी से एक राहत भरी खबर सामने आई है. दिल्ली की BJP सरकार ने इस जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए साढ़े 4 किलोमीटर लंबे नाले के निर्माण की योजना बनाई है. इसके लिए 220 करोड़ रुपए की बजट राशि को मंजूरी प्रदान कर दी है. इस प्रोजेक्ट को 2027 तक पूरा करने की उम्मीद जताई गई है.
इस प्रोजेक्ट के तहत, मुंडका हॉल्ट स्टेशन से नजफगढ़ तक रेलवे लाइन के किनारे और दिल्ली- भटिंडा रेलवे लाइन के किनारे एक अतिरिक्त नाले का निर्माण किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने पर सिर्फ किराड़ी ही नहीं बल्कि इलाके की कई अनाधिकृत कॉलोनियों को मानसूनी सीजन में जलभराव की समस्या से निजात मिलेगी.
कई इलाकों को मिलेगा फायदा
दिल्ली सरकार में सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि सीएम रेखा गुप्ता के नेतृत्व में स्वीकृत यह प्रोजेक्ट शहर के सबसे ज्यादा जलभराव वाले इलाकों में से एक किराड़ी को वह राहत प्रदान करेगा, जिसका लंबे समय से इंतजार हो रहा था. उन्होंने बताया कि यहां कई ऐसे निचले इलाके हैं जो मानसून सीजन में जलभराव के लिए गंभीर रूप से खतरनाक हो जाते हैं और इन इलाकों के लोगों को गंदी परिस्थितियों में रहने पर मजबूर होना पड़ता है लेकिन बहुत जल्द लोगों को यहां राहत पहुंचाने का काम हमारी सरकार द्वारा किया जाएगा.
जल निकासी में सुधार
कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि इस नाले से सिर्फ किराड़ी को राहत मिलेगी. साथ ही, नांगलोई जाट, बवाना और मुंडका विधानसभा क्षेत्रों सहित अन्य क्षेत्रों में भी जल निकासी में सुधार होगा. उन्होंने कहा कि इस पुनर्विकास योजना से 70 से ज्यादा अनधिकृत कॉलोनियां और कई बस्तियां जैसे वीणा एन्क्लेव, रतन पार्क, राजधानी पार्क, जेजे क्लस्टर कॉलोनी, राम नगर, निलूठी गांव, रानीखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र, अध्यापक नगर, शिव राम पार्क और रोहिणी सेक्टर- 20, 21 और 22 के लोगों को बड़े स्तर पर राहत पहुंचेगी.
