PM मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक, इन 3 बड़े फैसलों पर लगी मुहर

नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आज केन्द्रीय मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण मीटिंग हुई. इस मीटिंग के बाद केन्द्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने प्रेस कांफ्रेंस कर लिए गए फैसलों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस मीटिंग में तीन फैसले लिए गए हैं. उन्होंने बताया कि केन्द्रीय कैबिनेट ने उच्च दक्षता वाले सौलर पीवी मॉड्यूल ट्रांस-2 के लिए PLI योजना को स्वीकृति प्रदान की है.

PM Narendra Modi

अनुराग ठाकुर ने बताया कि 14 क्षेत्र में PLI योजना लाई गई है जिसके लिए 19,500 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है. इस योजना से देश में सोलर पैनल की मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि दूसरा फैसला सेमी कंडक्टर और डिसप्ले के उत्पादन को लेकर लिया गया है. सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन पॉलिसी को और आकर्षक बनाया गया है.

मीटिंग में लिए गए ये फ़ैसले

अनुराग ठाकुर ने बताया कि मंत्रिमंडल ने सेमीकंडक्टर्स और डिस्प्ले मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के विकास के लिए कार्यक्रम में संशोधनों को मंजूरी दी है. प्रौद्योगिकी नोड्स के साथ- साथ कंपाउंड सेमीकंडक्टर्स, पैकेजिंग और अन्य सेमीकंडक्टर्स सुविधाओं के लिए 50% प्रोत्साहन दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि इससे 2 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और 8 लाख लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

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राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति को दी मंजूरी

अनुराग ठाकुर ने बताया कि तीसरा फैसला राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति को लेकर लिया गया है जिसके लिए पॉलिसी को मंजूरी दी गई है. सरकार का लक्ष्य लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स रैंकिंग में सुधार करना है और 2030 तक शीर्ष 25 देशों में अपनी जगह पक्की करना होगा. गौरतलब है कि पीएम मोदी 17 सितंबर को ही राष्ट्रीय लॉजिस्टिक नीति की रूपरेखा पेश कर चुके हैं. इसके माध्यम से देशभर में उत्पादों के निर्बाध आवागमन को प्रोत्साहन देकर परिवहन से जुड़ी लागत में कटौती करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लॉजिस्टिक नीति लागू करने के अवसर पर कहा था कि इसका मकसद लॉजिस्टिक लागत को सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 13-14 प्रतिशत के मौजूदा स्तर से घटाकर इकाई अंक में लाना है. उन्होंने कहा था कि लॉजिस्टिक नीति के तहत एक एकीकृत लॉजिस्टिक इंटरफेस मंच (ULIP) का विकास करने का प्रस्ताव रखा गया है जो विभिन्न सरकारी एवं प्राइवेट एजेंसियों के मददगार के तौर पर काम करेगा.

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