रेवाड़ी । दिल्ली- जयपुर हाईवे पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए खुशखबरी है. केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस हाइवे का कायाकल्प करने के लिए लगभग एक हजार करोड़ रुपए की धनराशि को मंजूरी दी है. इस धनराशि से बिलासपुर बावल व कापड़ीवास चौक पर फ्लाईओवर, धारुहेड़ा में बाईपास व मानेसर में एलिवेटेड रोड़ का निर्माण कार्य किया जाएगा. इसके अलावा कुछ अन्य कार्यों को भी अमलीजामा पहनाया जाएगा.
गुरुग्राम से बीजेपी सांसद राव इंद्रजीत ने बताया कि दिल्ली- जयपुर नेशनल हाईवे पर स्थित बिलासपुर चौक व मानेसर में पिछले कुछ सालों से ट्रैफिक का दबाव बढ़ता जा रहा है. बिलासपुर चौक पर फ्लाईओवर व मानेसर में एलिवेटेड रोड़ बनाने की मांग को लेकर वह केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के लगातार संपर्क में थे और अब जाकर उनकी मांग को स्वीकृति प्रदान की गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोगों को भी इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़े इन प्रोजेक्ट्स से फायदा पहुंचेगा.
राव इंद्रजीत ने बताया कि स्वीकृत एक हजार करोड़ रुपए की धनराशि में से 200 करोड़ रुपए धारुहेड़ा बाईपास व कापड़ीवास फ्लाईओवर पर, मानेसर एलिवेटेड रोड़ पर 90 करोड़ रुपए, बावल चौक फ्लाईओवर पर 23 करोड़ रुपए तथा बिलासपुर चौक फ्लाईओवर पर भी 23 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इसके अलावा दिल्ली- जयपुर नेशनल हाईवे की मरम्मत पर 459 करोड़ रुपए खर्च होंगे. इसका टेंडर कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में देरी की वजह पूर्व में काम कर रही एजेंसी के साथ विवाद था. अब हाइवे से जुड़े इन प्रोजेक्ट्स को जल्दी ही अमलीजामा पहनाया जाएगा.
केन्द्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि इस हाइवे को 2023 तक अपग्रेड किया जाएगा. 4 बड़े नए फ्लाईओवर, 5 रोड़ ओवरब्रिज और 7 छोटे ब्रिज बनाएं जाएंगे. उन्होंने बताया कि इस हाइवे के कायाकल्प से उद्योगों को बड़ा फायदा पहुंचेगा. माल ढुलाई सुगम होगी और बाधा रहित मार्ग होने से उद्योगों तक माल की आवाजाही में ज्यादा समय नहीं लगेगा.
बावल व मानेसर के उद्यमियों को इस मार्ग की समस्याओं के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ती थी जिससे अब निजात मिल सकेगी. इस हाइवे के कायाकल्प होने व फ्लाईओवर का निर्माण होने से लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी और उनका सफर आरामदायक हो जाएगा.
