रेवाड़ी | कोरोना की संभावित तीसरे लहर से पहले ऑक्सीजन की कमी को दूर करने के लिए रेवाड़ी जिले के बावल व कोसली में भी ऑक्सीजन प्लांट लगाए जा रहे हैं. जो बनकर भी लगभग तैयार हो गए हैं. दोनों ही जगह प्लांट लगाने का 90% काम पूरा हो चुका है. बचे हुए 10% काम को 1 सप्ताह के अंदर पूरा करके प्लांट को चालू करने की योजना है. अस्पताल के आईसीयू वार्ड तक कनेक्शन का काम बचा हुआ है. रेवाड़ी में पहले ही 500 एमएल का प्लांट बनकर चालू हो चुका है. इन तीनों ही प्लांट को औद्योगिक क्षेत्र की तीन बड़ी कंपनियों के सहयोग से लगाया गया है.
दरअसल, कोरोना की दूसरी लहर में पूरे देश ने ऑक्सीजन का संकट झेला था. ऑक्सीजन की कमी के कारण रेवाड़ी के एक निजी अस्पताल में चार कोरोना संक्रमितों की जान चली गई थी. यह देखकर दूसरी लहर के समय ही ऑक्सीजन प्लांट लगाने की योजना बनाई गई थी. इसके लिए तीन बड़ी कंपनियों ने हाथ बढ़ाया. रेवाड़ी में एक करोड रुपए की लागत से 500 एमएल रोजाना की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट नागरिक अस्पताल में चालू हो चुका है. बावल में 250 एमएल रोजाना की क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट मारुति सुजुकी कंपनी द्वारा लगवाया जा रहा है.
वही कोसली में 250 एमएल की क्षमता वाला प्लांट हीरो फीन कंपनी द्वारा लगाया जा रहा है. सीनियर मेडिकल अफसर डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया है कि बावल व कोसली ऑक्सीजन प्लांट का बेस तैयार हो चुका है. बावल में तो लगभग काम पूरा ही हो चुका है. थोड़ा बहुत काम कोसली प्लांट का बचा हुआ है. उसे भी 1 सप्ताह के भीतर पूरा कर दिया जाएगा. उम्मीद है कि 1 सप्ताह बाद दोनों प्लांट चालू हो जाएंगे और फिर जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं रहेगी.
